जयपुर में 12 मिठाई दुकानों पर फूड सेफ्टी विभाग का छापा, खराब तेल और बदबूदार घेवर मिला
जयपुर। रक्षाबंधन के त्योहार से पहले मिठाइयों और खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर जयपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। ‘शुद्ध आहार-मिलावट पर वार’ अभियान के तहत फूड सेफ्टी टीमों ने शहर की 12 बड़ी मिठाई दुकानों और प्रतिष्ठानों पर छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान घेवर, बर्फी, मावा, मिल्क केक, समोसा और अन्य खाद्य सामग्री के सैंपल लिए गए।
खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्रवाई से मिठाई कारोबारियों में हड़कंप मच गया। जांच के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों पर खराब गुणवत्ता का मावा, मिठाई और घेवर मिलने की बात सामने आई। संदिग्ध और खराब खाद्य सामग्री को मौके पर ही नष्ट करवाया गया, जबकि कई सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं।
जगतपुरा में खराब तेल में पक रही थी कचौरी
जयपुर सीएमएचओ डॉ. मनीष मित्तल के नेतृत्व में टीम ने जगतपुरा स्थित रावत मिष्ठान भंडार पर जांच की। यहां केसर पिस्ता बर्फी और कचौरी बनाने में इस्तेमाल किए जा रहे कुकिंग ऑयल के सैंपल लिए गए।
जांच के दौरान सामने आया कि प्याज की कचौरी तलने के लिए इस्तेमाल हो रहे तेल की गुणवत्ता ठीक नहीं थी। मौके पर मौजूद हलवाई ने बताया कि तेल को चार दिन में बदला जाता है। वहीं, प्रबंधन के अनुसार प्रतिदिन करीब 700 से 800 कचौरियां तैयार की जाती हैं।
अधिकारियों का मानना है कि एक ही तेल का लगातार कई दिनों तक इस्तेमाल करने से उसकी गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है और टोटल पोलर कंपाउंड्स यानी टीपीसी का स्तर बढ़ने की आशंका रहती है। बार-बार गर्म किए गए तेल का लंबे समय तक उपयोग स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है।
150 किलो खराब घेवर मौके पर नष्ट
एक अन्य बड़ी कार्रवाई बिंदायका क्षेत्र में सिंवार मोड़ स्थित प्रधान स्वीट्स एंड कैटर्स की प्रोडक्शन यूनिट पर हुई। जयपुर सीएमएचओ फर्स्ट डॉ. रवि शेखावत के निर्देशन में पहुंची टीम को यहां करीब 150 किलोग्राम खराब और बदबूदार घेवर मिला।
फूड सेफ्टी टीम ने इस घेवर को मौके पर ही नष्ट करवाया। इसके अलावा घेवर, मिठाई और नमकीन बनाने में उपयोग होने वाली करीब 275 किलोग्राम खाद्य सामग्री को जब्त किया गया। गंभीर अनियमितताएं मिलने के बाद संबंधित प्रोडक्शन यूनिट को सील कर दिया गया।



