जयपुर के शैल्बी हॉस्पिटल में किडनी ट्रांसप्लांट की बड़ी उपलब्धि
राजस्थान में आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक नई उम्मीद सामने आई है। जयपुर स्थित शैल्बी हॉस्पिटल अब किडनी ट्रांसप्लांट के क्षेत्र में तेजी से अपनी पहचान बना रहा है। अस्पताल ने अब तक 10 सफल किडनी ट्रांसप्लांट कर मरीजों को नई जिंदगी देने का महत्वपूर्ण कार्य किया है।
इस उपलब्धि के अवसर पर शैल्बी हॉस्पिटल जयपुर में विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई, जिसमें अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी और वे मरीज भी मौजूद रहे जिनका किडनी ट्रांसप्लांट सफल रहा। कई मरीजों और उनके परिजनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि इस उपचार से उन्हें नया जीवन मिला है और अब वे सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
जटिल सर्जरी को बनाया सुरक्षित

वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट एवं किडनी ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. संजय बिनवाल ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट चिकित्सा विज्ञान की सबसे जटिल सर्जरी में से एक मानी जाती है। शैल्बी हॉस्पिटल जयपुर की अनुभवी मेडिकल टीम और अत्याधुनिक तकनीकों की मदद से इस प्रक्रिया को सुरक्षित और सफलतापूर्वक किया जा रहा है। ट्रांसप्लांट के बाद मरीजों की स्थिति स्थिर है और वे तेजी से स्वस्थ जीवन की ओर बढ़ रहे हैं।
एक ही छत के नीचे पूरी सुविधा
यूरोलॉजिस्ट एवं ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. सुभाष कटारिया ने बताया कि शैल्बी हॉस्पिटल की विशेषता यह है कि यहां किडनी ट्रांसप्लांट की पूरी प्रक्रिया एक ही छत के नीचे उपलब्ध है। मरीज की जांच, डोनर का मूल्यांकन, सर्जरी और ट्रांसप्लांट के बाद की देखभाल सभी सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं।
रीनल साइंसेस का आधुनिक विभाग
नेफ्रोलॉजिस्ट डॉ. कविश शर्मा ने बताया कि अस्पताल का कॉम्प्रिहेन्सिव डिपार्टमेंट ऑफ रीनल साइंसेस किडनी से जुड़ी सभी प्रमुख बीमारियों के इलाज के लिए आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित है। यहां क्रॉनिक किडनी डिजीज, डायलिसिस, एक्यूट किडनी फेल्योर और हाई ब्लड प्रेशर जैसी समस्याओं का वैज्ञानिक उपचार उपलब्ध है।
विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाओं का लक्ष्य
शैल्बी हॉस्पिटल जयपुर के सीएओ अंकित पारीक ने कहा कि अस्पताल का उद्देश्य केवल जटिल बीमारियों का इलाज करना ही नहीं बल्कि मरीजों को बेहतर और स्वस्थ जीवन देना भी है।





