जयपुर में राष्ट्रीय युवा संसद का समापन, 25 राज्यों के युवाओं ने चुनाव सुधार और महिला सशक्तीकरण जैसे अहम मुद्दों पर रखे विचार
राजस्थान की राजधानी जयपुर में आयोजित दो दिवसीय राष्ट्रीय युवा संसद का शनिवार को सफलतापूर्वक समापन हुआ। कार्यक्रम में देश के 25 से अधिक राज्यों से आए 250 से ज्यादा युवाओं ने भाग लिया। प्रतिभागियों ने सांसद, मंत्री और विभिन्न राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए संसदीय प्रक्रिया के अनुरूप कई महत्वपूर्ण राष्ट्रीय मुद्दों पर विचार-विमर्श किया।
कार्यक्रम का उद्घाटन राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी और राजस्थान वित्त आयोग के अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने किया। आयोजन के दौरान युवाओं ने महिला सशक्तीकरण एवं समान प्रतिनिधित्व, निर्वाचन सुधार एवं चुनावी पारदर्शिता, जातीय जनगणना एवं आरक्षण सुधार तथा डिजिटल प्रसारण एवं ऑनलाइन मीडिया विनियमन जैसे विषयों पर प्रस्तावित विधेयकों को लेकर पक्ष और विपक्ष में अपने तर्क प्रस्तुत किए।
मुख्य आयोजक एवं संस्थापक मोहित शर्मा ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य युवाओं को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं से जोड़ना और नीति निर्माण की समझ विकसित करना था। प्रतिभागियों ने शोध आधारित तथ्यों और तार्किक सुझावों के साथ संसदीय बहस में सक्रिय भागीदारी निभाई।
सह-आयोजक डॉ. नीकी चतुर्वेदी ने कहा कि युवा संसद केवल संसदीय कार्यवाही का प्रदर्शन नहीं, बल्कि युवाओं में नेतृत्व क्षमता, तार्किक सोच, शोध कौशल, सार्वजनिक वक्तृत्व और संवैधानिक मूल्यों के प्रति जागरूकता विकसित करने का प्रभावी मंच है।




