जयपुर में नकली घी पैकिंग गिरोह का खुलासा
सोचिए… जिस घी का पैकेट देखकर आप उसे असली और भरोसेमंद समझकर खरीद रहे हों, अगर उसके पीछे नकली पैकिंग तैयार करने का पूरा नेटवर्क चल रहा हो तो? जयपुर में पुलिस ने नकली घी की पैकिंग तैयार करने वाले एक कथित गिरोह का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की कार्रवाई में एक गोदाम से बड़ी मात्रा में पैकिंग सामग्री बरामद हुई है, जिससे नकली ब्रांडेड घी के कारोबार को लेकर कई सवाल खड़े हुए हैं।
गोदाम में मिला पैकिंग का बड़ा स्टॉक
पुलिस के अनुसार, जयपुर के झोटवाड़ा फैक्ट्री एरिया स्थित एक गोदाम में कार्रवाई की गई। यहां से 61 हजार 600 खाली मोनो कार्टन और 61 हजार 600 पाउच पैक बरामद किए गए। इसके साथ ही बड़ी संख्या में बारकोड स्कैनर भी मिले। पुलिस ने मौके से प्रिंटिंग मशीन, प्रिंटर-कन्वेयर, इलेक्ट्रिक कांटा और सिलाई मशीन समेत कई उपकरण भी जब्त किए हैं।
कार्रवाई के दौरान अलग-अलग ब्रांड्स के नाम और डिजाइन वाले रैपर भी पुलिस के हाथ लगे। इन बरामद सामग्रियों को देखकर पुलिस ने आशंका जताई कि यहां नकली घी की पैकिंग के लिए बड़े स्तर पर तैयारी की जा रही थी।
कई ब्रांड्स की फर्जी पैकिंग का आरोप
जांच में पुलिस के सामने आया कि आरोपी कथित तौर पर सरस, लोट्स, महान और कृष्णा जैसे ब्रांड्स के नाम पर फर्जी पैकिंग तैयार करते थे। इस तरह की पैकिंग का इस्तेमाल असली ब्रांड की पहचान का फायदा उठाकर नकली उत्पाद को बाजार तक पहुंचाने के लिए किया जा सकता था।
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि बरामद पैकिंग सामग्री का इस्तेमाल कहां और किस तरह किया जाना था। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि इस नेटवर्क से जुड़े लोग केवल पैकिंग का काम करते थे या नकली घी के निर्माण और सप्लाई में भी उनकी भूमिका थी।
कोडवर्ड में लिए जाते थे ऑर्डर
पुलिस जांच में एक और अहम जानकारी सामने आई है। आरोपियों पर कोडवर्ड में ऑर्डर लेने और पैकिंग सामग्री को अलग-अलग रास्तों और वाहनों के जरिए पहुंचाने का आरोप है। माना जा रहा है कि इस तरीके का इस्तेमाल पुलिस की नजर से बचने और सप्लाई नेटवर्क को छिपाने के लिए किया जाता था।
अब पुलिस इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। पूछताछ के जरिए यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि पैकिंग सामग्री किसे सप्लाई की जाती थी और इसके बदले में आरोपियों को कितना पैसा मिलता था।
जयपुर और आसपास के इलाकों तक नेटवर्क?
पुलिस के मुताबिक, तैयार की गई फर्जी पैकिंग को जयपुर और आसपास के इलाकों में नकली घी के कारोबार से जुड़े लोगों तक पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। हालांकि, इस नेटवर्क का वास्तविक विस्तार कितना है और इसमें कितने लोग शामिल हैं, इसकी जानकारी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
जांच एजेंसियां अब सप्लाई चेन पर भी नजर रख रही हैं। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोदाम में पैकिंग सामग्री कहां से आती थी, उसे कौन तैयार करता था और आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाता था।



