जयपुर नगर निगम के 150 वार्डों में आरक्षण तय, SC-ST, OBC और महिला वर्ग के वार्डों की सूची से साफ हुए चुनावी समीकरण
जयपुर। नगर निगम जयपुर के आगामी निकाय चुनाव 2026 को लेकर वार्डों की आरक्षण स्थिति सामने आने के बाद चुनावी गतिविधियां तेज होने की संभावना है। आरक्षण लॉटरी में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) और सामान्य महिला वर्ग के लिए वार्ड आरक्षित किए गए हैं। वहीं बड़ी संख्या में वार्ड सामान्य ओपन वर्ग में रखे गए हैं।
SC महिला के लिए 7 वार्ड आरक्षित
आरक्षण प्रक्रिया के तहत अनुसूचित जाति (SC) महिला वर्ग के लिए कुल 7 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड 58, 59, 69, 72, 86, 124 और 142 शामिल हैं।
ST महिला के लिए 2 वार्ड आरक्षित
अनुसूचित जनजाति (ST) महिला वर्ग के लिए 2 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड 68 और 150 शामिल हैं।
OBC महिला के लिए 10 वार्ड आरक्षित
अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) महिला वर्ग के लिए कुल 10 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड 10, 26, 33, 75, 80, 90, 94, 102, 143 और 146 शामिल हैं।
सामान्य महिला के लिए 31 वार्ड आरक्षित
सामान्य महिला वर्ग के लिए नगर निगम जयपुर में कुल 31 वार्ड आरक्षित किए गए हैं। इनमें वार्ड 4, 6, 7, 8, 9, 20, 25, 32, 46, 56, 70, 73, 87, 88, 92, 100, 107, 108, 110, 116, 117, 123, 125, 126, 133, 136, 138, 139, 145, 148 और 149 शामिल हैं।
सामान्य ओपन के 63 वार्ड
सामान्य ओपन वर्ग के लिए कुल 63 वार्ड आरक्षित बताए गए हैं। इनमें वार्ड 1, 3, 5, 11, 13, 14, 15, 16, 17, 19, 21, 22, 24, 28, 29, 30, 31, 34, 35, 36, 40, 43, 44, 47, 49, 54, 57, 62, 67, 71, 74, 76, 77, 78, 81, 89, 93, 95, 96, 97, 98, 99, 101, 103, 104, 105, 106, 109, 111, 112, 114, 118, 119, 120, 121, 127, 128, 130, 134, 135, 137, 140 और 141 शामिल हैं।
आरक्षण के बाद बदलेगा चुनावी गणित
वार्डों की आरक्षण स्थिति सामने आने के बाद जयपुर नगर निगम चुनाव को लेकर राजनीतिक समीकरणों में बदलाव की संभावना है। लंबे समय से चुनाव की तैयारी कर रहे कई संभावित प्रत्याशियों के लिए आरक्षण की स्थिति महत्वपूर्ण साबित होगी। जिन वार्डों में महिला या अन्य आरक्षित वर्ग के लिए सीट तय हुई है, वहां नए दावेदारों के सामने आने की संभावना है।
वहीं सामान्य ओपन वार्डों में पहले से सक्रिय संभावित उम्मीदवार अपनी दावेदारी को और मजबूत करने में जुट सकते हैं। राजनीतिक दल भी वार्डवार आरक्षण के आधार पर उम्मीदवारों के चयन और चुनावी रणनीति पर मंथन शुरू कर सकते हैं।



