ई-रिक्शा में सफाई व्यवस्था का जायजा लेने निकले निगम कमिश्नर, गंदगी मिलने पर अधिकारियों को फटकार
जयपुर। शहर की सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए नगर निगम कमिश्नर गुरुवार को औचक निरीक्षण पर निकले। कमिश्नर ने परकोटे के कई इलाकों में पैदल घूमकर सफाई व्यवस्था का जायजा लिया, वहीं भीड़भाड़ और तंग गलियों तक पहुंचने के लिए ई-रिक्शा का भी इस्तेमाल किया। निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर गंदगी मिलने पर उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को फटकार लगाई तथा व्यवस्था में तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
कमिश्नर ने किशनपोल जोन स्थित छोटी चौपड़ से निरीक्षण शुरू किया। इसके बाद वे पैदल गणगौरी बाजार और चौगान स्टेडियम तक पहुंचे। रास्ते में कई स्थानों पर सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित अधिकारियों को जिम्मेदारी तय करने और जल्द कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
इसके बाद कमिश्नर ने ई-रिक्शा से हवामहल जोन का दौरा किया। उन्होंने गोविंद देवजी मंदिर, जलेबी चौक, हवामहल, बड़ी चौपड़, त्रिपोलिया और चौड़ा रास्ता सहित कई इलाकों में सफाई व्यवस्था देखी। तंग गलियों और बाजारों में पहुंचकर उन्होंने मौके पर मौजूद कर्मचारियों से भी जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान सड़कों और बाजारों में घूम रहे आवारा पशुओं पर भी निगम कमिश्नर ने नाराजगी जताई। अधिकारियों को ऐसे पशुओं को पकड़कर हिंगोनिया गो पुनर्वास केंद्र भेजने के निर्देश दिए गए। साथ ही डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण व्यवस्था को तय समय पर संचालित करने के लिए कहा गया, ताकि लोग सार्वजनिक स्थानों पर कचरा न डालें।
नगर निगम की ओर से 25 अगस्त से विशेष सफाई अभियान शुरू किया गया है, जो 7 सितंबर तक चलेगा। अभियान के तहत गुरुवार को करीब 2500 कर्मचारी सफाई कार्य में जुटे रहे, जबकि 1000 से अधिक संसाधन और मशीनों का उपयोग किया गया।
कमिश्नर ने कहा कि शहर को साफ रखने में आमजन की भागीदारी भी बेहद जरूरी है। उनके अनुसार करीब 95 प्रतिशत लोग सफाई नियमों का पालन करते हैं, लेकिन कुछ लोगों की लापरवाही से पूरे क्षेत्र में गंदगी फैलती है। उन्होंने चेतावनी दी कि जागरूकता के बावजूद नियमों की अनदेखी जारी रही तो नगर निगम सख्त कदम उठा सकता है।



