जयपुर के परकोटा इलाके के पुरोहित जी का कटला में लगी भीषण आग के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। जांच के दौरान आग बुझाने के लिए लगाए गए एक हाइड्रेंट पॉइंट में नींबू-मिर्च मिलने की बात सामने आई है।
राज्य मानवाधिकार आयोग की टीम ने शुक्रवार को घटनास्थल का निरीक्षण किया। इसी दौरान हाइड्रेंट की स्थिति सामने आई। रिपोर्ट के अनुसार, आयोग ने फायर सेफ्टी इंतजामों को लेकर अधिकारियों से जवाब भी मांगा।
20 से ज्यादा दुकानें आग की चपेट में आईं
17 सितंबर को त्रिपोलिया बाजार स्थित सेठी कॉम्प्लेक्स में सुबह करीब 7 बजे आग लगी। शुरुआती जानकारी के मुताबिक आग कपड़ों की दुकान के बाहर रखे कार्टन से शुरू हुई और देखते ही देखते आसपास की दुकानों और गोदामों तक पहुंच गई।
बाजार में कपड़े, प्लास्टिक, कॉस्मेटिक्स और चूड़ी जैसे सामान बड़ी मात्रा में मौजूद थे। ज्वलनशील सामान की वजह से आग तेजी से फैलती गई।
संकरी गलियों ने भी बढ़ाई परेशानी
पुरोहित जी का कटला बेहद व्यस्त और घनी आबादी वाला बाजार है। यहां की संकरी गलियों के कारण दमकल की गाड़ियों को घटनास्थल तक पहुंचने और आग बुझाने में काफी परेशानी हुई।
रिपोर्टों के अनुसार करीब 30 दमकल गाड़ियां और बड़ी संख्या में फायरकर्मी आग बुझाने में जुटे। धुआं ज्यादा होने और दुकानों में सामान भरा होने के कारण राहत कार्य भी आसान नहीं था।
हाइड्रेंट में पाइप की जगह मिले नींबू-मिर्च
अब इस पूरे मामले में सबसे ज्यादा चर्चा उस हाइड्रेंट पॉइंट की हो रही है, जिसे आग लगने की स्थिति में पानी की सप्लाई के लिए इस्तेमाल किया जाना चाहिए।
जांच के दौरान वहां नींबू-मिर्च मिली। यानी जिस जगह से आग बुझाने के सिस्टम का इस्तेमाल होना चाहिए था, वहां उसका सही तरीके से इस्तेमाल होने के बजाय दूसरी चीजें रखी हुई थीं। राज्य मानवाधिकार आयोग के निरीक्षण में यह बात सामने आने के बाद फायर सेफ्टी व्यवस्था पर सवाल और गंभीर हो गए हैं।
सिर्फ हाइड्रेंट ही नहीं, पूरा सिस्टम सवालों के घेरे में
इस आग के बाद बाजार के फायर सेफ्टी सिस्टम को लेकर कई सवाल सामने आए हैं। हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक इमारत में मौजूद फायर सेफ्टी उपकरण काम करने की स्थिति में नहीं पाए गए।
वहीं व्यापारियों ने भी दावा किया कि बाजार में लगाए गए हाइड्रेंट, स्मोक डिटेक्टर और दूसरे सुरक्षा उपकरण लंबे समय से ठीक तरह से काम नहीं कर रहे थे। इन दावों की जांच की जा रही है।
व्यापारियों ने पहले भी जताई थी चिंता
व्यापारियों का कहना है कि बाजार में आग का खतरा पहले भी सामने आता रहा है। उनके मुताबिक पिछले कुछ वर्षों में यहां कई बार आग लगने की घटनाएं हुई हैं।
टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट में व्यापारियों के हवाले से कहा गया कि बाजार में 14 फायर हाइड्रेंट लगाए गए थे, लेकिन उनका नियमित इस्तेमाल नहीं हुआ और कुछ सुरक्षा उपकरण काम नहीं कर रहे थे।
हालांकि इन दावों और फायर सिस्टम की वास्तविक स्थिति की आधिकारिक जांच जरूरी है।



