जयपुर-जोधपुर-कोटा मेयर चुनाव को लेकर हलचल तेज
राजस्थान के जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में मेयर पद के चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। तीनों नगर निगमों में मेयर पद के लिए नामांकन दाखिल करने का आज आखिरी दिन है। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक 19 सितंबर को नामांकन प्रक्रिया पूरी होगी, 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी और 22 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। इसके बाद 25 सितंबर को मेयर पद के लिए मतदान होगा और मतदान खत्म होने के तुरंत बाद उसी दिन मतगणना और परिणाम घोषित किए जाएंगे।
25 सितंबर को होगा मेयर पद का चुनाव
जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगम में मेयर पद के चुनाव के लिए 25 सितंबर की तारीख तय की गई है। मतदान सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक होगा। यह चुनाव निर्वाचित पार्षदों के जरिए होगा और मतदान के बाद परिणाम भी उसी दिन जारी किया जाएगा। उप-महापौर पद के लिए चुनाव 26 सितंबर को कराया जाएगा।
नामांकन के अंतिम दिन राजनीतिक दलों के उम्मीदवारों की तस्वीर भी काफी हद तक साफ होने की उम्मीद है। नामांकन पत्रों की जांच और नाम वापसी के बाद अंतिम उम्मीदवारों की सूची सामने आएगी। ऐसे में 22 सितंबर के बाद ही यह पूरी तरह स्पष्ट होगा कि मेयर पद के चुनाव में कौन-कौन मैदान में है।
जयपुर में बीजेपी के 78 पार्षद
जयपुर नगर निगम में कुल 150 वार्ड हैं। हालिया निकाय चुनाव के बाद बीजेपी के खाते में 78 पार्षद आए हैं, जबकि कांग्रेस के 53 और निर्दलीयों के 15 पार्षद हैं। बीजेपी के 78 पार्षद बहुमत के लिए जरूरी 76 के आंकड़े से दो अधिक हैं।
मेयर पद को लेकर बीजेपी में कई नामों पर चर्चा की खबरें सामने आई हैं। हालांकि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने तक किसी भी संभावित नाम को अंतिम उम्मीदवार मानना उचित नहीं होगा। रिपोर्टों के मुताबिक पार्टी स्तर पर उम्मीदवार के चयन को लेकर मंथन जारी रहा है।
जयपुर में कांग्रेस ने भी मेयर चुनाव में उम्मीदवार उतारने की बात कही है। ऐसे में अब निगाहें नामांकन के बाद सामने आने वाले उम्मीदवारों और पार्षदों के बीच बनने वाले समीकरणों पर रहेंगी।
जोधपुर में मुकाबला दिलचस्प
जोधपुर नगर निगम में मेयर चुनाव का गणित जयपुर और कोटा से अलग है। उपलब्ध चुनावी आंकड़ों के मुताबिक यहां बीजेपी के 45 और कांग्रेस के 44 पार्षद हैं। इस वजह से किसी भी दल के पास अपने दम पर बहुमत का आंकड़ा नहीं है। ऐसे में निर्दलीय और अन्य पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
जोधपुर में बीजेपी ने निर्दलीय पार्षदों के समर्थन से बहुमत का दावा किया है। टाइम्स ऑफ इंडिया की रिपोर्ट के मुताबिक सात निर्दलीय पार्षदों के समर्थन का दावा किया गया है, जिससे बीजेपी की संख्या 52 तक पहुंचने की बात कही गई है। हालांकि मेयर चुनाव का अंतिम परिणाम मतदान के बाद ही स्पष्ट होगा।
इसलिए जोधपुर में नामांकन के बाद उम्मीदवारों की स्थिति और पार्षदों के समर्थन का गणित खास तौर पर महत्वपूर्ण रहेगा।
कोटा में बीजेपी के पास 57 पार्षद
कोटा नगर निगम में कुल 100 वार्ड हैं और हालिया चुनाव के बाद बीजेपी के पास 57 पार्षद हैं। कांग्रेस के 39 और निर्दलीयों के 4 पार्षद हैं। री-पोलिंग के बाद कोटा में बीजेपी की संख्या 57 तक पहुंची।
कोटा में मेयर पद के लिए कांग्रेस ने सुनीता सुमन को उम्मीदवार बनाया है। दूसरी ओर बीजेपी की ओर से उम्मीदवार के नाम को लेकर अंतिम समय तक मंथन की खबरें सामने आई हैं। स्थानीय रिपोर्टों में बीजेपी के कई नामों की चर्चा की गई है, लेकिन अंतिम उम्मीदवार की स्थिति नामांकन और उसके बाद की प्रक्रिया से स्पष्ट होगी।
कोटा में बीजेपी की पार्षदों की बाड़ाबंदी
कोटा में मेयर चुनाव से पहले बीजेपी के पार्षदों की बाड़ाबंदी की खबर भी सामने आई है। एक रिपोर्ट के मुताबिक पार्टी ने अपने पार्षदों को चित्तौड़गढ़ ले जाकर एक साथ रखा है। रिपोर्ट में इसके पीछे संभावित क्रॉस-वोटिंग या अंदरूनी असहमति की आशंका को वजह बताया गया है।
हालांकि, यह राजनीतिक दल की रणनीति और संबंधित रिपोर्टों में बताए गए कारण हैं। मेयर चुनाव का वास्तविक परिणाम 25 सितंबर को मतदान के बाद ही सामने आएगा।
नामांकन से लेकर परिणाम तक पूरा शेड्यूल
जयपुर, जोधपुर और कोटा मेयर चुनाव को लेकर चुनाव कार्यक्रम के अनुसार 19 सितंबर नामांकन की अंतिम तारीख है। इसके बाद 21 सितंबर को नामांकन पत्रों की जांच होगी। 22 सितंबर को दोपहर 3 बजे तक उम्मीदवार अपना नाम वापस ले सकेंगे और इसके बाद चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे।



