जयपुर में डिजिटल अरेस्ट का हैरान करने वाला मामला
डिजिटल अरेस्ट का हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां 90 साल के पूर्व जिला जज को 15 दिन तक डराकर साइबर ठगों ने 2 करोड़ 50 लाख 51 हजार रुपए ठग लिए। जयपुर में साइबर ठगों ने खुद को CBI अधिकारी और RBI मैनेजर बताकर पूर्व जिला जज को हवाला केस में गिरफ्तारी का डर दिखाया। वॉट्सऐप वीडियो कॉल के जरिए उन्हें लगातार धमकाया गया और जांच के नाम पर उनके म्यूचुअल फंड, बैंक खातों और दूसरी वित्तीय जानकारियां हासिल की गईं।
मामला जयपुर के ज्योति नगर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, साइबर ठगों ने पहले पूर्व जिला जज से संपर्क किया और खुद को मुंबई CBI का अधिकारी बताया। आरोपी ने दावा किया कि मुंबई में 50 करोड़ रुपए के हवाला लेनदेन की जांच चल रही है और इसमें उनके बैंक खाते का इस्तेमाल हुआ है। इसके बाद उन्हें गिरफ्तारी का डर दिखाया गया और परिवार के किसी सदस्य को इस बारे में जानकारी नहीं देने की धमकी दी गई।
कुछ समय बाद दूसरे आरोपी ने खुद को RBI मैनेजर बताया। उसने हवाला की रकम और म्यूचुअल फंड में निवेश से जुड़ी जांच का हवाला देकर पीड़ित से उनके वित्तीय दस्तावेज और निवेश की जानकारी हासिल कर ली। इसके बाद ठगों ने जांच के नाम पर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे ट्रांसफर करवाने शुरू कर दिए।
8 दिन में ट्रांसफर कराए 2.50 करोड़ रुपए
रिपोर्ट के अनुसार, 3 से 10 अगस्त के बीच अलग-अलग बैंक खातों में कुल 2 करोड़ 50 लाख 51 हजार रुपए ट्रांसफर करवाए गए। ठग लगातार वॉट्सऐप कॉल के जरिए संपर्क में रहते थे। हर कॉल खत्म होने के बाद आरोपियों ने चैट, कॉल हिस्ट्री और दूसरे मैसेज डिलीट करने के लिए कहा। लगातार डर और दबाव के कारण पीड़ित ने उनकी बात मान ली। यही वजह रही कि परिवार को भी लंबे समय तक इस साइबर फ्रॉड की जानकारी नहीं हो सकी।
ठगी का सिलसिला यहीं नहीं रुका। साइबर ठगों ने पूर्व जिला जज को उनके PPF खाते की रकम भी ट्रांसफर करने के लिए कहा। इसके लिए जब वह SBI की जौहरी बाजार शाखा पहुंचे, तो बैंक मैनेजर को पूरे मामले पर शक हुआ। बैंक मैनेजर ने बातचीत के दौरान स्थिति को समझा और PPF से होने वाले ट्रांजैक्शन को रोक दिया।
बैंक मैनेजर की सतर्कता से बची PPF की रकम
बैंक मैनेजर की सतर्कता के बाद जब पूरे मामले की जानकारी सामने आई तो पता चला कि पूर्व जिला जज लंबे समय से साइबर ठगों के संपर्क में थे। इसके बाद उनके भांजे को बुलाया गया और पूरे मामले की जानकारी परिवार के सामने आई। परिवार ने मामले की शिकायत ज्योति नगर थाने में दर्ज कराई।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।




