जयपुर में तीन संविदा नर्सिंगकर्मी टंकी पर चढ़े, भर्ती नियमों में बदलाव का विरोध
जयपुर। राजस्थान की राजधानी जयपुर में शुक्रवार सुबह संविदा नर्सिंगकर्मियों का विरोध प्रदर्शन उस समय चर्चा का विषय बन गया, जब दो पुरुष और एक महिला नर्सिंगकर्मी जयपुरिया अस्पताल परिसर स्थित पानी की टंकी पर चढ़ गए। प्रदर्शनकारी नर्सिंग ऑफिसर और एएनएम भर्ती प्रक्रिया को मेरिट और बोनस अंकों के आधार पर ही जारी रखने की मांग कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार विमल शर्मा (32), रॉबिन शर्मा (28) और संजीता चौधरी (30) शुक्रवार तड़के करीब 3:40 बजे टंकी पर चढ़े। तीनों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन और उग्र हो सकता है।
भर्ती प्रक्रिया में बदलाव की आशंका से नाराज
प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे पिछले दो वर्षों से सरकार के सामने यह मांग रख रहे हैं कि नर्सिंग ऑफिसर और एएनएम भर्ती में मेरिट + बोनस अंक के आधार पर चयन प्रक्रिया जारी रखी जाए। उनका आरोप है कि कई बार मंत्रियों और अधिकारियों को ज्ञापन देने के बावजूद उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं हुई।
नर्सिंगकर्मियों का कहना है कि उन्हें अपना भविष्य असुरक्षित नजर आ रहा है। भर्ती नियमों में संभावित संशोधन की खबर के बाद मजबूर होकर उन्हें यह कदम उठाना पड़ा।
वर्षों से संविदा पर दे रहे सेवाएं
टंकी पर चढ़े नर्सिंगकर्मियों में:
विमल शर्मा पिछले दो वर्षों से एसएमएस मेडिकल कॉलेज में संविदा नर्सिंग ऑफिसर हैं।
रॉबिन शर्मा करीब चार वर्षों से एसएमएस अस्पताल में संविदा नर्सिंग कर्मचारी के रूप में कार्यरत हैं।
संजीता चौधरी एसएमएस अस्पताल में संविदा जीएनएम (GNM) के पद पर सेवाएं दे रही हैं।
प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वर्षों से नियमित कर्मचारियों की तरह काम करने के बावजूद उन्हें स्थायी नियुक्ति और समान सुविधाओं का लाभ नहीं मिला। कम वेतन और अस्थायी नौकरी के कारण वे आर्थिक, सामाजिक और मानसिक दबाव झेल रहे हैं।




