खड़ी बस में ट्रक घुसा, 3 मौतें, 6 घायल
जयपुर-अजमेर नेशनल हाईवे-48 पर दूदू क्षेत्र के महला गांव के पास सोमवार सुबह हुए भीषण सड़क हादसे ने हर किसी को झकझोर कर रख दिया। हाईवे किनारे खड़ी एक बस में तेज रफ्तार ट्रक के पीछे से टकरा जाने से तीन लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया।
घायल खलासी ने सुनाई दर्दनाक आपबीती
गंभीर रूप से घायल बस खलासी मोहम्मद रेहान ने होश में आने के बाद हादसे का भयावह मंजर बयां किया। उन्होंने बताया कि सुबह करीब पांच बजे बस का एक्सल टूट जाने के कारण बस को सड़क किनारे खड़ा किया गया था। बस की बैक लाइट और इंडिकेटर चालू थे और ड्राइवर बस की मरम्मत में लगा था। वह नया एक्सल लेकर लौटा ही था कि पीछे से तेज रफ्तार ट्रक सीधे बस में आ घुसा।
रेहान के अनुसार टक्कर इतनी जोरदार थी कि आसपास खड़े लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। बस सड़क किनारे गड्ढे में पलट गई और कई लोग ट्रक की चपेट में आ गए। वह खुद गंभीर रूप से घायल होकर शवों और घायलों के बीच पड़ा रहा। कुछ देर बाद उसकी आंखों के आगे अंधेरा छा गया और होश आया तो वह जयपुर के एसएमएस अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती था।
तीन लोगों की मौके पर मौत
इस दर्दनाक हादसे में मधुराज, राहुल हरिजन और भंवर सिंह राजावत की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए, जिन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। पुलिस ने मृतकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है।
परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़
घायल मोहम्मद रेहान की बहन नेहा ने बताया कि आठ महीने पहले ही उसके भाई ने बस में खलासी का काम शुरू किया था और वही पूरे परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य है। पिता बीमारी के कारण काम करने में असमर्थ हैं, जबकि परिवार में दो बहनें और एक छोटा भाई पढ़ाई कर रहे हैं। परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के लखनऊ का रहने वाला है, लेकिन रोजगार की तलाश में जयपुर में किराये के मकान में रह रहा है। परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग की है।




