सकल दिगंबर जैन समाज के तत्वाधान में श्री शांतिनाथ दिगंबर जैन अग्रवाल मंदिर में आचार्य इंद्रनंदी महाराज का 31वां दीक्षा दिवस एवं मुनि उत्कृष्टनंदी महाराज का तृतीय दीक्षा दिवस बड़े ही श्रद्धा और धूमधाम से मनाया गया।
मीडिया प्रभारी सुनील भांजा ने जानकारी देते हुए बताया कि कार्यक्रम की शुरुआत प्रातःकाल भगवान शांतिनाथ के अभिषेक एवं शांतिधारा से हुई। पंडित सुरेश शास्त्री के निर्देशन में भक्ताम्बर मंडल विधान का आयोजन किया गया, जिसमें सोधर्म इंद्र महेंद्र जैन यज्ञनायक, संजय लुहारा तथा कुबेर इंद्र नरेंद्र भांजा द्वारा 48 अर्घ समर्पित किए गए।
इसके पश्चात दीक्षा दिवस कार्यक्रम का शुभारंभ आचार्य पदमनंदी महाराज के चित्र के समक्ष चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया। कार्यक्रम का मंगलाचरण आचार्य शांतिसागर पाठशाला एवं शांतिनाथ पाठशाला के नन्हे बालकों द्वारा प्रस्तुत किया गया।
कार्यक्रम में आचार्य इंद्रनंदी महाराज का पादप्रक्षालन ओमप्रकाश ताराचंद बड़ला द्वारा तथा जिनवाणी भेंट महावीर प्रसाद शिखरचंद माधोराजपुरा द्वारा की गई। मुनि उत्कृष्टनंदी महाराज का पादप्रक्षालन नेमीचंद संजय कुमार सिरस द्वारा तथा जिनवाणी भेंट गोपाल लाल शंभूलाल कठमाणा द्वारा की गई।
साथ ही मुनि नाभीनंदी महाराज का पादप्रक्षालन सुशील कुमार राहुल कुमार आरामशीन द्वारा एवं जिनवाणी भेंट राजेश कुमार गिन्दौड़ी द्वारा की गई। इसके बाद सकल महिला मंडलों द्वारा आचार्य श्री की पूजन की गई तथा समाज की ओर से आचार्य श्री एवं मुनि उत्कृष्टनंदी महाराज को पीच्चीका भेंट की गई।
धर्मसभा को संबोधित करते हुए आचार्य श्री ने कहा कि दीक्षा दिवस सांसारिक मोह-माया का त्याग कर आत्मकल्याण एवं संयम के मार्ग पर चलने का पावन संकल्प है। यह गुरु कृपा से आत्मा को परमात्मा से जोड़ने का श्रेष्ठ अवसर है। उन्होंने कहा कि दीक्षा केवल वेश परिवर्तन नहीं, बल्कि जीवन परिवर्तन है, जो त्याग, वैराग्य और साधना के माध्यम से आत्मा की उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।
कार्यक्रम के अंत में बाहर से पधारे सभी अतिथियों का मंदिर समिति द्वारा स्वागत एवं सम्मान किया गया।




