ISSF वर्ल्ड कप 2026 में भारत के खाते में पहुंचे तीन पदक
भारतीय शूटिंग टीम ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन किया है। चीन के हांगझोउ में आयोजित ISSF World Cup 2026 में युवा निशानेबाज ईशा सिंह ने महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक जीत लिया। ईशा की इस जीत ने न केवल भारत की झोली में एक और गोल्ड डाला, बल्कि उन्हें देश की नई शूटिंग सनसनी के रूप में भी स्थापित कर दिया।
ईशा सिंह ने पूरे मुकाबले में आत्मविश्वास और शानदार निशानेबाजी का प्रदर्शन किया। फाइनल में उन्होंने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी और 50 शॉट्स में 40 अंक हासिल करते हुए गोल्ड मेडल अपने नाम किया। उन्होंने मेजबान चीन की युयुए झांग को तीन अंकों के अंतर से हराकर यह ऐतिहासिक जीत दर्ज की। घरेलू दर्शकों के सामने चीनी खिलाड़ी को हराकर गोल्ड जीतना ईशा सिंह के करियर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक माना जा रहा है।
फाइनल में दिखाया दमदार प्रदर्शन
महिलाओं की 25 मीटर पिस्टल स्पर्धा के फाइनल में ईशा सिंह ने शुरुआत से ही बेहतरीन लय बनाए रखी। हर राउंड में उन्होंने शानदार सटीकता दिखाई और लगातार बढ़त बनाए रखी। अंत में 40 अंकों के साथ उन्होंने स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया, जबकि चीन की युयुए झांग 37 अंकों के साथ रजत पदक जीत सकीं।
यह जीत इसलिए भी खास रही क्योंकि ईशा ने मेजबान देश की मजबूत चुनौती को उसी के घर में मात दी।
मनु भाकर ने भी जीता कांस्य पदक
भारत की स्टार निशानेबाज और ओलंपिक पदक विजेता मनु भाकर ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए कांस्य पदक अपने नाम किया। कांस्य पदक के मुकाबले में उनका सामना उत्तर कोरिया की ह्योन ग्योंग पाक से हुआ।
दोनों खिलाड़ियों के बीच बेहद रोमांचक मुकाबला देखने को मिला। आखिरकार डबल शूटऑफ में मनु भाकर ने शानदार निशानेबाजी करते हुए मुकाबला अपने नाम किया और भारत के लिए एक और पदक सुनिश्चित किया।
भारत के खाते में पहुंचे तीन पदक
ईशा सिंह के गोल्ड और मनु भाकर के ब्रॉन्ज के साथ ISSF World Cup 2026 में भारत के कुल पदकों की संख्या तीन हो गई है। इससे पहले भारतीय निशानेबाज संयम ने महिलाओं की 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा में रजत पदक जीतकर भारत का खाता खोला था।
भारतीय शूटिंग टीम का यह प्रदर्शन बताता है कि देश के निशानेबाज लगातार विश्व स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहे हैं। युवा खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन से आने वाले एशियन गेम्स, विश्व चैंपियनशिप और ओलंपिक प्रतियोगिताओं के लिए भी उम्मीदें बढ़ गई हैं।



