ईरान का ट्रंप पर बड़ा हमला, अमेरिका पर समझौता तोड़ने का लगाया आरोप
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर बढ़ता नजर आ रहा है। ईरान ने अमेरिका पर दोनों देशों के बीच हुए समझौते (MoU) का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। साथ ही अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को "अपराधी" और "हत्यारा" बताते हुए उनके हालिया बयानों की कड़ी आलोचना की है।
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच हुआ समझौता कभी भी भरोसे पर आधारित नहीं था, बल्कि "कमिटमेंट के बदले कमिटमेंट" के सिद्धांत पर बना था। उनका आरोप है कि अमेरिका ने एकतरफा कदम उठाकर इस समझौते की मूल भावना को तोड़ दिया।
बघाई ने कहा कि समझौते की पांचवीं शर्त में होर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के प्रबंधन की जिम्मेदारी ईरान को दी गई थी, लेकिन अमेरिका ने इस प्रावधान को चुनौती देते हुए सैन्य कार्रवाई की और समझौते का उल्लंघन किया।
ईरान के उप विदेश मंत्री काज़ेम ग़रीबाबादी ने भी ट्रंप पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी भाषा यह दिखाती है कि वर्षों से दबाव, प्रतिबंध और धमकियों की नीति पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने कहा कि ट्रंप "ताकत की भाषा" ही समझते हैं।
वहीं, डोनाल्ड ट्रंप ने 2026 NATO शिखर सम्मेलन के बाद कहा कि उन्हें नहीं लगता कि ईरान के साथ संघर्ष दोबारा शुरू होगा, लेकिन यदि हमला हुआ तो अमेरिका पहले से कहीं ज्यादा कड़ा जवाब देगा। ट्रंप ने यह भी दावा किया कि वह ईरान की "किल लिस्ट" में सबसे ऊपर हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी संकेत दिए कि अब उनकी ईरान के साथ किसी नए कूटनीतिक समझौते में ज्यादा रुचि नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरानी नेतृत्व "खतरनाक" है और भविष्य में जरूरत पड़ने पर सैन्य कार्रवाई तेज और निर्णायक होगी।




