ईरान-अमेरिका-इजराइल तनाव से बढ़ी तेल कीमतें, जी7 देशों की चिंता
ईरान और अमेरिका-इजराइल के बीच बढ़ते तनाव का असर अब वैश्विक तेल बाजार पर भी दिखने लगा है। इस बढ़ते संघर्ष के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतों में तेज उछाल आया है। हालात को देखते हुए जी7 देशों ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बनाए रखने के लिए जरूरी कदम उठाने पर जोर दिया है।
जी7 वित्त मंत्रियों और अंतर्राष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की बैठक में इस मुद्दे पर चर्चा की गई। हालांकि यह बैठक रणनीतिक कच्चे तेल भंडार को जारी करने के किसी औपचारिक समझौते के बिना समाप्त हो गई।
बैठक के दौरान भंडार से तेल जारी करने के विकल्प पर कई दौर की चर्चा हुई। बैठक के बाद जी7 देशों ने कहा कि यदि वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित होती है तो वे भंडार से तेल जारी करने जैसे जरूरी कदम उठाने के लिए तैयार हैं।
आईईए ने जताई बाजार को लेकर चिंता
आईईए के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा कि हाल के दिनों में वैश्विक तेल बाजार की स्थिति और खराब हुई है। उन्होंने बताया कि होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल परिवहन में संभावित बाधाओं और उत्पादन में कटौती के कारण बाजार के लिए गंभीर जोखिम पैदा हो रहा है।
उनके अनुसार, अगर यह स्थिति जारी रहती है तो वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंची कीमत
तनाव बढ़ने के बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 120 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई थी। हालांकि बाद में इसमें कुछ गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ता है या होर्मुज़ जलडमरूमध्य से तेल आपूर्ति प्रभावित होती है, तो वैश्विक तेल कीमतों में और तेज उछाल देखने को मिल सकता है।
सोशल मीडिया पर हमें फॉलो करें राजनीति की हर हलचल, क्रिकेट और स्पोर्ट्स की हर अपडेट, और देश-दुनिया की बड़ी खबरें सबसे पहले पाने के लिए eNews Bharat के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स से जुड़ना न भूलें।




