ईरान ने कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर तीन ड्रोन से हमला किया, बढ़ते अमेरिका-ईरान तनाव के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दी कड़ी चेतावनी, मध्य पूर्व में फिर गहराया युद्ध का खतरा।
अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर खाड़ी क्षेत्र में तनाव बढ़ता दिखाई दे रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मंगलवार सुबह कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे पर कम से कम तीन ड्रोन से हमला किया। हालांकि, अब तक किसी प्रकार के नुकसान या हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि उसके पास समझौते का "आखिरी मौका" है। ट्रंप ने दोहराया कि यदि बातचीत विफल रहती है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई से पीछे नहीं हटेगा।
ओमान के पास मालवाहक जहाज पर भी हमला
यूके मैरीटाइम ट्रेड ऑपरेशंस (UKMTO) के अनुसार, ओमान के तट के पास एक मालवाहक जहाज अज्ञात प्रोजेक्टाइल की चपेट में आया। घटना के बाद जांच शुरू कर दी गई है और क्षेत्र में मौजूद जहाजों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है।
अमेरिका-ईरान वार्ता पर अब भी संशय
रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और ईरान के बीच प्रस्तावित वार्ता की तारीख और स्थान अभी तय नहीं हुआ है। पाकिस्तान और कतर संभावित मेजबान देशों के रूप में चर्चा में हैं और दोनों देश मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका के साथ प्रत्यक्ष बातचीत की खबरों को खारिज कर दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय का कहना है कि होर्मुज स्ट्रेट से जुड़े मुद्दों पर उसकी बातचीत केवल ओमान के साथ हो रही है।
ईरान की नई रणनीति पर रिपोर्ट
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, ईरान अब सीधे सैन्य टकराव के बजाय समुद्री व्यापार, तेल आपूर्ति और महत्वपूर्ण शिपिंग रूट्स पर दबाव बनाकर अमेरिका और उसके सहयोगियों की रणनीतिक लागत बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
IRGC का रीपर ड्रोन गिराने का दावा
ईरान की IRGC ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट के ऊपर उड़ रहे MQ-9 रीपर ड्रोन को एयर डिफेंस सिस्टम से मार गिराया। हालांकि, यह स्पष्ट नहीं किया गया कि यह ड्रोन किस देश का था और स्वतंत्र रूप से इस दावे की पुष्टि भी नहीं हुई है।




