IPL 2027 से पहले Impact Player Rule पर बड़ा फैसला संभव, BCCI ने सभी 10 फ्रेंचाइजियों से 31 अगस्त तक मांगी राय
IPL के इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) ने बड़ा कदम उठाया है। बोर्ड ने IPL की सभी 10 फ्रेंचाइजियों से इस नियम को लेकर उनकी राय मांगी है। टीमों को सोमवार, 31 अगस्त तक अपनी राय और सुझाव देने के लिए कहा गया है। माना जा रहा है कि फ्रेंचाइजियों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर BCCI IPL 2027 से पहले इस नियम के भविष्य को लेकर फैसला कर सकता है।
क्रिकबज की रिपोर्ट के मुताबिक, BCCI ने फ्रेंचाइजियों से क्रिकेट संचालन से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सुझाव मांगे हैं। इनमें इम्पैक्ट प्लेयर नियम के अलावा पीएमओए, अंपायरिंग, प्रैक्टिस सेशन और खेलने की शर्तें भी शामिल हैं। हालांकि, इन सभी मुद्दों में इम्पैक्ट प्लेयर नियम सबसे ज्यादा चर्चा में है।
कुछ महीने पहले BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने संकेत दिया था कि IPL 2026 के बाद इम्पैक्ट प्लेयर नियम की समीक्षा की जा सकती है। अब बोर्ड ने सभी 10 टीमों से सीधे उनकी राय मांगकर इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाया है।
इम्पैक्ट प्लेयर नियम पर क्यों हो रही बहस?
IPL में इम्पैक्ट प्लेयर नियम लागू होने के बाद से ही इसको लेकर क्रिकेट जगत में बहस जारी है। इस नियम के तहत टीमें मैच के दौरान एक खिलाड़ी को बदलकर उसकी जगह दूसरे खिलाड़ी को मैदान में उतार सकती हैं। इससे टीमों को अपनी रणनीति में अतिरिक्त विकल्प मिलते हैं।
हालांकि, कई प्रमुख भारतीय क्रिकेटर इस नियम की आलोचना कर चुके हैं। रोहित शर्मा और विराट कोहली समेत कई खिलाड़ियों का मानना है कि इम्पैक्ट प्लेयर नियम से टी-20 क्रिकेट में बल्ले और गेंद के बीच संतुलन प्रभावित होता है।
आलोचकों का कहना है कि अतिरिक्त बल्लेबाज के विकल्प के कारण टीमों को गेंदबाजी में कम विशेषज्ञ खिलाड़ियों के साथ भी खेलने का मौका मिलता है। इससे गेंदबाजों के लिए मुकाबला और चुनौतीपूर्ण हो सकता है।
BCCI ने किया था नियम का बचाव
दूसरी ओर, BCCI सचिव देवजीत सैकिया ने मई में इम्पैक्ट प्लेयर नियम का बचाव किया था। उन्होंने IPL में हुए कम स्कोर वाले मुकाबलों का उदाहरण देते हुए कहा था कि हर मैच हाई-स्कोरिंग नहीं रहा और गेंदबाजों को भी अच्छी विकेट मिली हैं।
सैकिया ने उस समय नियम को लेकर कहा था, “सब कुछ हो रहा है, यह एक पैकेज में पूरा गुलदस्ता है।”
हालांकि, सैकिया ने यह भी संकेत दिया था कि अगर फ्रेंचाइजियां इम्पैक्ट प्लेयर नियम को लेकर चिंता जताती हैं, तो BCCI इस पर दोबारा विचार करने के लिए तैयार रहेगा। अब टीमों से राय मांगे जाने के बाद यह मुद्दा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में आ गया है।



