बुमराह, हार्दिक, वरुण और नीतीश समेत कई स्टार खिलाड़ियों की चोट ने उठाए वर्कलोड मैनेजमेंट पर गंभीर सवाल
नई दिल्ली।भारतीय क्रिकेट में एक सवाल लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है—आखिर ऐसा क्यों हो रहा है कि कई स्टार खिलाड़ी आईपीएल के पूरे सीजन में फिट रहते हैं, लेकिन जैसे ही टीम इंडिया की जर्सी पहनते हैं, चोटिल होकर मैदान से बाहर हो जाते हैं? हाल के वर्षों में जसप्रीत बुमराह, हार्दिक पंड्या, वरुण चक्रवर्ती, नीतीश कुमार रेड्डी समेत कई खिलाड़ियों की चोटों ने भारतीय टीम की योजनाओं को प्रभावित किया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केवल संयोग नहीं, बल्कि वर्कलोड मैनेजमेंट, लगातार क्रिकेट और रिकवरी सिस्टम से जुड़ा बड़ा मुद्दा है, जिस पर गंभीरता से काम करने की जरूरत है।
आईपीएल में फिटनेस, लेकिन इंटरनेशनल क्रिकेट में परेशानी
आईपीएल दुनिया की सबसे बड़ी टी20 लीग है, जहां खिलाड़ी लगभग दो महीने तक लगातार मुकाबले खेलते हैं। इसके बावजूद अधिकांश भारतीय खिलाड़ी पूरा सीजन बिना किसी बड़ी चोट के पूरा कर लेते हैं।
लेकिन जैसे ही वे भारतीय टीम के साथ टेस्ट, वनडे या टी20 सीरीज खेलते हैं, कई खिलाड़ियों को मांसपेशियों में खिंचाव, पीठ, घुटने या हैमस्ट्रिंग जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इससे टीम का संतुलन भी प्रभावित होता है।
जसप्रीत बुमराह की फिटनेस बनी चिंता
भारत के प्रमुख तेज गेंदबाज जसप्रीत बुमराह कई बार चोटों के कारण लंबे समय तक क्रिकेट से दूर रह चुके हैं। उनकी पीठ की समस्या पहले भी भारतीय टीम के लिए बड़ी चिंता रही है। जब भी बड़े टूर्नामेंट सामने आते हैं, बुमराह की फिटनेस सबसे बड़ा चर्चा का विषय बन जाती है।
तेज गेंदबाजों पर लगातार मैचों और अलग-अलग फॉर्मेट का दबाव उनकी चोट का प्रमुख कारण माना जाता है।
हार्दिक पंड्या और अन्य खिलाड़ियों की चुनौती
ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या भी पिछले कुछ वर्षों में कई बार चोटिल होकर टीम से बाहर हुए हैं। उनकी फिटनेस भारतीय टीम के संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण मानी जाती है।
इसके अलावा वरुण चक्रवर्ती और नीतीश कुमार रेड्डी जैसे खिलाड़ियों को भी राष्ट्रीय टीम के साथ जुड़ने के बाद फिटनेस संबंधी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इससे चयनकर्ताओं और टीम मैनेजमेंट के सामने विकल्प सीमित हो जाते हैं।
क्या वर्कलोड मैनेजमेंट है सबसे बड़ा कारण?
क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि खिलाड़ियों का वर्कलोड मैनेजमेंट




