सोनल दिनुषा की जिद के आगे भारत की जीत की उम्मीद टूटी
कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच खेली गई दो मैचों की टेस्ट सीरीज का दूसरा मुकाबला रोमांचक अंदाज में ड्रॉ पर खत्म हुआ। कोलंबो के सिन्हलीज स्पोर्ट्स क्लब में खेले गए मुकाबले में श्रीलंका ने आखिरी दिन शानदार संघर्ष करते हुए भारत को जीत से रोक दिया। इस नतीजे के बावजूद टीम इंडिया ने दो मैचों की सीरीज 1-0 से अपने नाम कर ली, क्योंकि भारत ने गॉल में खेले गए पहले टेस्ट में श्रीलंका को 165 रन से हराया था।
दूसरे टेस्ट में भारत ने पहली पारी में 503 रन पर पारी घोषित की थी। भारत की ओर से देवदत्त पडिक्कल और ध्रुव जुरेल ने शानदार शतक लगाए। इसके जवाब में श्रीलंका की पहली पारी 290 रन पर सिमट गई। सोनल दिनुषा ने मुश्किल परिस्थितियों में 103 रन की शानदार पारी खेली, लेकिन भारतीय गेंदबाजों ने श्रीलंका को बड़ी बढ़त लेने से रोक दिया।
भारत ने फॉलोऑन देकर बनाया दबाव
पहली पारी में श्रीलंका 213 रन से पिछड़ गया था। इसके बाद भारतीय कप्तान शुभमन गिल ने मेजबान टीम को फॉलोऑन दिया। उस समय भारत की जीत लगभग तय नजर आ रही थी। हालांकि, श्रीलंका के बल्लेबाजों ने दूसरी पारी में गजब का संघर्ष दिखाया और धीरे-धीरे मैच का रुख बदल दिया।
दूसरी पारी में पासिंदु सूरियाबंदर और कामिंदु मेंडिस ने महत्वपूर्ण साझेदारी कर श्रीलंका को संकट से बाहर निकाला। इसके बाद सोनल दिनुषा ने एक बार फिर मोर्चा संभाल लिया। दिनुषा ने अपनी बल्लेबाजी से भारतीय गेंदबाजों को लंबे समय तक परेशान किया और श्रीलंका की हार को टालने में सबसे बड़ी भूमिका निभाई।
सोनल दिनुषा ने रचा खास रिकॉर्ड
सोनल दिनुषा इस सीरीज में श्रीलंका के सबसे प्रभावशाली बल्लेबाजों में रहे। उन्होंने चारों पारियों में 50 से ज्यादा रन बनाए। इस उपलब्धि के साथ वह दो मैचों की टेस्ट सीरीज की सभी चार पारियों में 50+ स्कोर करने वाले श्रीलंका के चुनिंदा बल्लेबाजों में शामिल हो गए। भारत के खिलाफ ऐसा करने वाले वह केवल दूसरे बल्लेबाज बने।
कोलंबो टेस्ट की पहली पारी में दिनुषा ने 103 रन बनाए थे। दूसरी पारी में भी उन्होंने बेहद धैर्य के साथ बल्लेबाजी की। आखिरी दिन उनकी पारी ने श्रीलंका को मैच बचाने की स्थिति में पहुंचा दिया। दिनुषा की लगातार शानदार बल्लेबाजी ने इस टेस्ट सीरीज को उनके लिए यादगार बना दिया।
आखिरी दिन भारत को नहीं मिली सफलता
टेस्ट के अंतिम दिन श्रीलंका ने 229/6 से आगे खेलना शुरू किया। दिनुषा और केशरा नुवानथा ने भारतीय गेंदबाजों का डटकर सामना किया। दोनों के बीच महत्वपूर्ण साझेदारी हुई और श्रीलंका ने अपनी बढ़त लगातार बढ़ाई। दिनुषा ने एक और अर्धशतक पूरा किया, जो सीरीज में उनका लगातार चौथा 50+ स्कोर था।
नुवानथा के आउट होने के बाद भी दिनुषा का संघर्ष जारी रहा। भारतीय गेंदबाजों ने नई गेंद का भी इस्तेमाल किया, लेकिन श्रीलंका के निचले क्रम ने विकेट बचाने में सफलता हासिल की। समय तेजी से निकलता गया और भारत के लिए सभी विकेट लेना मुश्किल होता गया।



