भारत-जापान क्रिकेट मुकाबला बना ऐतिहासिक
सोचिए… जिस जापान को दुनिया टेक्नोलॉजी और रोबोटिक्स के लिए जानती है, उसी जापान की धरती पर क्रिकेट का एक ऐतिहासिक मुकाबला होने जा रहा है। मेंस क्रिकेट में पहली बार भारत और जापान की टीमें आमने-सामने हैं। जापान के सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाले इस मुकाबले का क्रिकेट फैंस को बेसब्री से इंतजार है, लेकिन मैच शुरू होने से पहले ही बारिश ने रोमांच बढ़ा दिया। बारिश के चलते टॉस में देरी हुई और मुकाबले की शुरुआत प्रभावित हुई।
इस मुकाबले की खासियत सिर्फ भारत और जापान की पहली भिड़ंत नहीं है, बल्कि इसके पीछे छिपा जापान का करीब 163 साल पुराना क्रिकेट इतिहास भी इसे खास बनाता है। बताया जाता है कि 19वीं सदी में जापान पहुंचे कुछ विदेशी खिलाड़ियों ने वहां क्रिकेट खेला था। उस दौर में खेल का माहौल आज से बिल्कुल अलग था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, जापान में यात्रा और सुरक्षा से जुड़ी परिस्थितियों के कारण खिलाड़ी रिवॉल्वर लेकर भी चलते थे।
आज उसी जापान की धरती पर भारतीय क्रिकेट टीम का मैदान पर उतरना क्रिकेट के बदलते सफर को दिखाता है। जहां कभी जापान में क्रिकेट बेहद सीमित स्तर पर खेला जाता था, वहीं अब भारत जैसी बड़ी क्रिकेट टीम के साथ मुकाबला हो रहा है। सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला यह मैच जापान में क्रिकेट के बढ़ते दायरे के लिहाज से भी अहम माना जा रहा है।
बारिश ने भले ही मैच की शुरुआत को कुछ देर के लिए रोक दिया हो, लेकिन भारत और जापान के बीच इस ऐतिहासिक मुकाबले को लेकर क्रिकेट फैंस की नजरें टिकी हुई हैं। यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए मैदान पर प्रदर्शन का मौका होने के साथ-साथ जापान में क्रिकेट के सफर से जुड़ा एक यादगार अध्याय भी बन रहा है।
भारत-जापान क्रिकेट मैच क्यों है खास?
भारत और जापान के बीच मेंस क्रिकेट का यह पहला मुकाबला है। इसके अलावा जापान का 19वीं सदी से जुड़ा क्रिकेट इतिहास इस मैच को और दिलचस्प बनाता है। सानो इंटरनेशनल क्रिकेट ग्राउंड पर होने वाला मुकाबला जापान में क्रिकेट की बढ़ती लोकप्रियता को भी दिखाता है।
163 साल पुराना क्रिकेट कनेक्शन
जापान में क्रिकेट की शुरुआत से जुड़ी कहानियां 19वीं सदी तक जाती हैं। उस समय वहां पहुंचे विदेशी खिलाड़ियों और समुदायों के जरिए क्रिकेट खेला जाता था। आज कई दशक बाद भारत जैसी प्रमुख क्रिकेट टीम के जापान की धरती पर खेलने से उस पुराने क्रिकेट इतिहास की चर्चा फिर तेज हो गई है।



