भारत का विदेशी मुद्रा भंडार फिर घटा, जानिए गिरावट की बड़ी वजह
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, 12 जून 2026 को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार (Forex Reserve) करीब 9.985 अरब डॉलर घटकर 671.625 अरब डॉलर रह गया। लगातार दूसरे सप्ताह आई इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह गोल्ड रिजर्व में तेज कमी रही है।
RBI के मुताबिक, विदेशी मुद्रा भंडार का सबसे बड़ा हिस्सा Foreign Currency Assets (FCA) इस दौरान 84.6 करोड़ डॉलर बढ़कर 544.290 अरब डॉलर हो गया। हालांकि, सोने का भंडार 10.754 अरब डॉलर घटकर 103.821 अरब डॉलर रह गया, जिससे कुल विदेशी मुद्रा भंडार पर बड़ा असर पड़ा।
इसके अलावा Special Drawing Rights (SDR) भी 6.6 करोड़ डॉलर घटकर 18.699 अरब डॉलर रह गए, जबकि IMF में भारत की रिजर्व पोजिशन 1.1 करोड़ डॉलर घटकर 4.815 अरब डॉलर दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता, बढ़ता आयात बिल, महंगा कच्चा तेल और गोल्ड रिजर्व में कमी विदेशी मुद्रा भंडार पर दबाव बढ़ा रहे हैं। इसी वजह से केंद्र सरकार ने हाल ही में सोना और चांदी के आयात शुल्क में बढ़ोतरी की थी, ताकि विदेशी मुद्रा की बचत की जा सके।
पूर्व RBI डिप्टी गवर्नर माइकल देबब्रत पात्रा के अनुसार, भारत को भविष्य की वैश्विक आर्थिक चुनौतियों और पूंजी निकासी के जोखिमों से सुरक्षित रहने के लिए कम से कम 1 ट्रिलियन डॉलर का विदेशी मुद्रा भंडार रखने की आवश्यकता है।




