भारत की पहली बुलेट ट्रेन की लागत दोगुनी होने के करीब, खर्च पहुंच सकता है 2 लाख करोड़ रुपये
नई दिल्ली: भारत की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना एक बार फिर चर्चा में है। मुंबई-अहमदाबाद हाई स्पीड रेल कॉरिडोर की लागत लगातार बढ़ती जा रही है। शुरुआत में इस महत्वाकांक्षी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 1.08 लाख करोड़ रुपये तय की गई थी, लेकिन लंबे समय तक चली देरी, जमीन अधिग्रहण और अन्य तकनीकी चुनौतियों के कारण अब इसकी कुल लागत करीब 2 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने की संभावना जताई जा रही है।
मुंबई से अहमदाबाद के बीच दौड़ेगी देश की पहली बुलेट ट्रेन
भारत की पहली बुलेट ट्रेन मुंबई और अहमदाबाद के बीच 508 किलोमीटर लंबे हाई स्पीड रेल कॉरिडोर पर चलेगी। इस परियोजना को देश के परिवहन क्षेत्र में ऐतिहासिक बदलाव के रूप में देखा जा रहा है। बुलेट ट्रेन के संचालन से दोनों शहरों के बीच यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा और यात्रियों को विश्वस्तरीय हाई-स्पीड रेल सुविधा मिलेगी।
2023 का लक्ष्य छूटा, अब 2027 में शुरू होगी पहली सेवा
शुरुआत में इस परियोजना को साल 2023 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया था। हालांकि कई कारणों से काम तय समय पर पूरा नहीं हो सका। अब योजना के अनुसार अगस्त 2027 में सूरत और वापी के बीच करीब 100 किलोमीटर लंबे हिस्से पर पहली बुलेट ट्रेन सेवा शुरू किए जाने की उम्मीद है। इसके बाद चरणबद्ध तरीके से पूरे कॉरिडोर को चालू किया जाएगा।
अब तक 91 हजार करोड़ रुपये खर्च, 61 प्रतिशत काम पूरा
आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, परियोजना पर अब तक करीब 91 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। निर्माण कार्य की प्रगति भी तेजी से जारी है और लगभग 61 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है। कई हिस्सों में ट्रैक, पुल, स्टेशन और अन्य बुनियादी ढांचे का निर्माण अंतिम चरण में पहुंच रहा है।
देरी की सबसे बड़ी वजह बनी जमीन अधिग्रहण और कोविड महामारी
विशेषज्ञों के अनुसार, परियोजना में देरी की सबसे बड़ी वजह महाराष्ट्र में जमीन अधिग्रहण की धीमी प्रक्रिया रही। लंबे समय तक भूमि उपलब्ध नहीं होने से निर्माण कार्य प्रभावित हुआ। इसके अलावा कोविड-19 महामारी के दौरान निर्माण कार्य, श्रमिकों की उपलब्धता और सामग्री की सप्लाई पर भी बड़ा असर पड़ा।
1,651 यूटिलिटी पॉइंट्स शिफ्ट करना बना बड़ी चुनौती
परियोजना के दौरान बिजली की हाईटेंशन लाइनें, पाइपलाइन, गैस लाइन और टेलीकॉम केबल जैसे 1,651 यूटिलिटी पॉइंट्स




