एडमिशन नहीं मिला तो छात्र ने खोज निकाली IIT कानपुर की वेबसाइट की खामी, कार्रवाई के बजाय मिला इंटर्नशिप का मौका।
नई दिल्ली: तकनीकी संस्थानों में पढ़ने का सपना देखने वाले लाखों छात्रों के लिए IIT में प्रवेश एक बड़ी उपलब्धि माना जाता है। लेकिन जब किसी छात्र का यह सपना अधूरा रह जाए, तो उसका असर मानसिक और भावनात्मक रूप से भी पड़ सकता है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला आईआईटी कानपुर (IIT Kanpur) से सामने आया है, जहां एडमिशन नहीं मिलने से निराश एक छात्र ने संस्थान की वेबसाइट में मौजूद सुरक्षा खामी का फायदा उठाकर उसे हैक कर लिया। हालांकि इस घटना का अंत किसी आपराधिक मामले की तरह नहीं हुआ, बल्कि छात्र की तकनीकी प्रतिभा ने पूरे मामले को नई दिशा दे दी।
एडमिशन न मिलने के बाद उठाया बड़ा कदम
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार छात्र लंबे समय से आईआईटी कानपुर में पढ़ाई करने का सपना देख रहा था, लेकिन उसे प्रवेश नहीं मिल सका। इसके बाद उसने संस्थान की वेबसाइट का तकनीकी विश्लेषण करना शुरू किया और उसमें मौजूद सुरक्षा कमजोरियों (Security Vulnerabilities) की पहचान कर ली। कुछ समय बाद उसने इन कमजोरियों का उपयोग करते हुए वेबसाइट के सिस्टम तक पहुंच बना ली।
हालांकि शुरुआती जानकारी में यह सामने आया कि छात्र का उद्देश्य वेबसाइट को नुकसान पहुंचाना, डेटा चोरी करना या किसी प्रकार की आर्थिक ठगी करना नहीं था। वह अपनी तकनीकी क्षमता और साइबर सिक्योरिटी स्किल्स को साबित करना चाहता था।
साइबर सुरक्षा टीम ने शुरू की जांच
जैसे ही वेबसाइट पर संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली, आईआईटी कानपुर की साइबर सुरक्षा टीम सक्रिय हो गई। संस्थान ने पूरे मामले की जांच शुरू की और यह पता लगाने की कोशिश की कि सिस्टम में सेंध कैसे लगी।
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि वेबसाइट में मौजूद कुछ सुरक्षा कमजोरियों का फायदा उठाकर छात्र ने सिस्टम तक पहुंच बनाई थी। इसके बाद संस्थान ने छात्र से संपर्क किया और पूरे मामले की विस्तृत जानकारी ली।
FIR की जगह मिला इंटर्नशिप का ऑफर
आमतौर पर इस तरह के मामलों में सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम (IT Act) और साइबर अपराध से जुड़े प्रावधानों के तहत एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जाती है। लेकिन इस मामले में आईआईटी कानपुर ने अलग रास्ता चुना।
संस्थान ने पाया कि छात्र की तकनीकी समझ काफी मजबूत है और उसमें साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में काम करने की क्षमता है। इसी कारण उसके खिलाफ तत्काल एफआईआर दर्ज कराने के बजाय उसे इंटर्नशिप का प्रस्ताव दिया गया, ताकि उसकी प्रतिभा का उपयोग सकारात्मक दिशा में किया जा सके।
प्रतिभा को सही दिशा देने का उदाहरण
आईआईटी कानपुर का यह फैसला सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। कई साइबर सिक्योरिटी विशेषज्ञों का मानना है कि यदि किसी युवा में तकनीकी प्रतिभा है और उसका उद्देश्य नुकसान पहुंचाना नहीं है, तो उसे सही मार्गदर्शन देकर साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाया जा सकता है।
दुनिया भर में कई बड़ी टेक कंपनियां और संस्थान Bug Bounty Program और Responsible Disclosure Policy




