सऊदी अरब पर हूतियों के हमले से बढ़ा तनाव
मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव बढ़ता नजर आ रहा है। यमन के हूती विद्रोहियों की ओर से सऊदी अरब को निशाना बनाए जाने की खबर के बाद क्षेत्रीय हालात को लेकर चिंता बढ़ गई है। इस घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान ने ईरान को कड़ी चेतावनी दी है।
हूतियों और सऊदी अरब के बीच लंबे समय से तनाव चला आ रहा है। यमन में जारी संघर्ष का असर समय-समय पर आसपास के देशों पर भी देखने को मिलता रहा है। ताजा घटनाक्रम ने क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
सऊदी अरब पर हूतियों के हमले से बढ़ी चिंता
हूतियों की ओर से सऊदी अरब पर हमले की खबर के बाद क्षेत्र में तनाव का माहौल है। सऊदी अरब लंबे समय से यमन में हूती विद्रोहियों के खिलाफ संघर्ष से जुड़ा रहा है।
हूतियों और सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच संघर्ष ने पहले भी पूरे क्षेत्र की सुरक्षा को प्रभावित किया है। ऐसे में किसी नए हमले की घटना से तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
पाकिस्तान ने ईरान को दी बड़ी चेतावनी
इस घटनाक्रम के बीच पाकिस्तान ने ईरान को चेतावनी दी है। पाकिस्तान की ओर से सामने आया यह रुख इसलिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि ईरान पर लंबे समय से हूती विद्रोहियों को समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं।
पाकिस्तान की चेतावनी ऐसे समय आई है जब मध्य पूर्व में पहले से ही कई मोर्चों पर तनाव की स्थिति बनी हुई है। इससे क्षेत्रीय देशों के बीच कूटनीतिक दबाव और बढ़ सकता है।
यमन के मोचा शहर पर हूतियों का कब्जा
रिपोर्ट के मुताबिक, हूती विद्रोहियों ने यमन के महत्वपूर्ण मोचा शहर पर भी कब्जा कर लिया है। मोचा लाल सागर के किनारे स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण शहर है।
मोचा का महत्व उसके भौगोलिक स्थान के कारण काफी ज्यादा है। लाल सागर के आसपास होने वाली गतिविधियों का असर अंतरराष्ट्रीय व्यापार और समुद्री मार्गों पर भी पड़ सकता है।
ईरान पर क्यों उठते हैं सवाल?
ईरान और हूती विद्रोहियों के बीच संबंधों को लेकर लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा होती रही है। ईरान पर हूतियों को सैन्य और अन्य प्रकार का समर्थन देने के आरोप लगते रहे हैं, हालांकि ईरान इन आरोपों को अलग-अलग मौकों पर खारिज करता रहा है।
सऊदी अरब और ईरान के बीच भी क्षेत्रीय प्रभाव को लेकर लंबे समय से प्रतिद्वंद्विता रही है। ऐसे में हूती-सऊदी संघर्ष में ईरान का नाम सामने आने से मामला और संवेदनशील हो जाता है।
मध्य पूर्व में बढ़ सकता है तनाव
सऊदी अरब पर हमले, पाकिस्तान की चेतावनी और यमन में हूतियों की गतिविधियों ने मध्य पूर्व की सुरक्षा स्थिति पर चिंता बढ़ा दी है। यदि संघर्ष आगे बढ़ता है तो इसका असर केवल यमन और सऊदी अरब तक सीमित रहने के बजाय आसपास के देशों पर भी पड़ सकता है।



