होर्मुज स्ट्रेट में बढ़ा तनाव, भारतीय की मौत के बाद दुनिया की बढ़ी चिंता
मिडिल ईस्ट में तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में शामिल होर्मुज स्ट्रेट में ईरान के मिसाइल हमले ने हालात और गंभीर बना दिए हैं। इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की मौत हो गई, जबकि छह भारतीयों सहित कुल आठ लोग घायल हुए हैं। इस घटना ने न केवल भारत बल्कि पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है।
UAE के दो तेल टैंकरों पर मिसाइल हमला
UAE के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास होर्मुज स्ट्रेट से गुजर रहे दो तेल टैंकर मोंबासा और अल बहिया को ईरान ने दो क्रूज मिसाइलों से निशाना बनाया। मिसाइल लगते ही दोनों जहाजों में भीषण आग लग गई। राहत टीमों ने समय रहते आग पर काबू पा लिया, लेकिन इस हमले में एक भारतीय क्रू मेंबर की जान चली गई और कई अन्य घायल हो गए।
अमेरिका का तगड़ा जवाब
हमले के तुरंत बाद अमेरिका ने बड़े पैमाने पर जवाबी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक करीब पांच घंटे तक चले ऑपरेशन में ईरान के कई अहम सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। इनमें बुशहर, चाबहार, जास्क, कोनार्क, अबू मूसा और बंदर अब्बास जैसे रणनीतिक क्षेत्र शामिल हैं। अमेरिका पहले से ही पश्चिम एशिया में 50 हजार से अधिक सैनिक तैनात कर चुका है।
ट्रम्प का बड़ा दावा
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने दावा किया कि अमेरिका होर्मुज स्ट्रेट पर अपना नियंत्रण बनाए रखेगा। उन्होंने कहा कि हालिया हमलों में ईरान की समुद्री सैन्य क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है और अब उसकी स्थिति काफी कमजोर हो चुकी है।
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट?
होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे व्यस्त तेल मार्गों में से एक है। वैश्विक स्तर पर समुद्र के रास्ते होने वाले कच्चे तेल का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का सैन्य तनाव पूरी दुनिया में




