Hingoli Principal Suspended: शराबी प्रिंसिपल पर प्रशासन की बड़ी कार्रवाई
महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के लिंबाला गांव से स्कूल और शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। यहां सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया गया है। प्रिंसिपल पर आरोप था कि वह शराब के नशे में स्कूल पहुंचते थे और इस वजह से स्कूल का माहौल और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही थी।
प्रिंसिपल के खिलाफ ग्रामीणों और अभिभावकों की ओर से लंबे समय से शिकायतें की जा रही थीं। ग्रामीणों का आरोप था कि कई बार अधिकारियों को जानकारी देने के बावजूद समय पर कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद मामले को Citizens for Justice and Peace यानी CJP के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत प्रमुखता से उठाया गया।
मामले ने जोर पकड़ा तो प्रशासन और शिक्षा विभाग ने शिकायतों को गंभीरता से लिया। जांच और कार्रवाई के बाद आरोपी प्रिंसिपल को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।
अभिजीत दीपके ने इसे बताया बड़ी जीत
प्रिंसिपल के निलंबन के बाद CJP के राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने इस कार्रवाई पर खुशी जाहिर की। उन्होंने इसे लिंबाला गांव के ग्रामीणों की पहली बड़ी जीत बताया।
अभिजीत दीपके ने कहा कि वह इस जीत को अब्दुल और उनके दिवंगत पिता को समर्पित करना चाहते हैं। उन्होंने अब्दुल के उस संकल्प का भी जिक्र किया, जिसमें उन्होंने कहा था कि स्कूल को बेहतर बनाने की लड़ाई जारी रखनी है।
इस बयान के जरिए दीपके ने यह संदेश देने की कोशिश की कि सरकारी स्कूलों की समस्याओं को लेकर आवाज उठाने का अभियान आगे भी जारी रहेगा।
क्या था पूरा मामला?
लिंबाला गांव के सरकारी प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालय में प्रिंसिपल के खिलाफ ग्रामीणों और अभिभावकों ने गंभीर आरोप लगाए थे। उनका कहना था कि प्रिंसिपल कथित तौर पर शराब के नशे में स्कूल आते थे। इससे बच्चों की पढ़ाई और स्कूल की व्यवस्था प्रभावित हो रही थी।
ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की। हालांकि, लंबे समय तक कोई बड़ी कार्रवाई नहीं होने से ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ती गई।
इसके बाद CJP के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के जरिए इस मामले को उठाया गया। संगठन की ओर से शिक्षा विभाग और प्रशासन के सामने ग्रामीणों की शिकायत को रखा गया। इसके बाद प्रशासन ने मामले में कार्रवाई करते हुए प्रिंसिपल को निलंबित कर दिया।
अब्दुल और उनके पिता का मामला क्या है?
अभिजीत दीपके ने हिंगोली की इस कार्रवाई को पश्चिम बंगाल के एक मामले से भी जोड़ा है। उनके मुताबिक, पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले के इंदस ब्लॉक में CJP कार्यकर्ता शेख अब्दुल हफीज ने सरकारी स्कूल की बदहाल स्थिति को लेकर आवाज उठाई थी।



