हथिनीकुंड बैराज में ट्रेनिंग के दौरान बड़ा हादसा
यमुनानगर। हरियाणा के यमुनानगर स्थित हथिनीकुंड बैराज में सेना के प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान बड़ा हादसा हो गया। यमुना नदी के तेज बहाव के बीच सेना की मोटर बोट दुर्घटनाग्रस्त होकर डूब गई। हादसे के बाद तीन जवानों को सुरक्षित बचा लिया गया, जबकि दो जवान लापता बताए जा रहे हैं। सेना, SDRF और अन्य बचाव दलों की ओर से लापता जवानों की तलाश के लिए बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
ट्रेनिंग ड्रिल के दौरान अचानक बिगड़े हालात
बताया जा रहा है कि सेना के जवान हथिनीकुंड बैराज क्षेत्र में प्रशिक्षण अभ्यास कर रहे थे। इसी दौरान मोटर बोट में तकनीकी खराबी आ गई और तेज बहाव के कारण बोट नियंत्रण से बाहर होकर बहने लगी। पानी के तेज बहाव ने स्थिति को और चुनौतीपूर्ण बना दिया।
हादसे के बाद जवानों ने पानी में उतरकर सुरक्षित निकलने का प्रयास किया। तीन जवानों को बचा लिया गया, लेकिन दो जवानों का अभी तक पता नहीं चल सका है।
यमुना में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन
लापता जवानों की तलाश के लिए सेना और राहत-बचाव दलों ने अभियान तेज कर दिया है। यमुना नदी के साथ-साथ पश्चिमी यमुना नहर और आसपास के संभावित इलाकों में भी तलाश की जा रही है। हवाई निगरानी के लिए हेलीकॉप्टरों की मदद भी ली जा रही है।
तेज बहाव के कारण बचाव दलों के सामने चुनौती बनी हुई है। प्रशासन की ओर से नहर में पानी का बहाव कम करने के प्रयास भी किए गए हैं, ताकि सर्च ऑपरेशन को सुरक्षित तरीके से आगे बढ़ाया जा सके।
बोट डूबने से मचा हड़कंप, यमुना में दो जवानों की तलाश जारी
हथिनीकुंड बैराज और यमुना क्षेत्र में पानी का बहाव काफी तेज है। ऐसे में नदी में लापता जवानों की तलाश करना बचाव टीमों के लिए बेहद मुश्किल साबित हो रहा है। इसके अलावा पानी के नीचे दृश्यता कम होना, नदी का लगातार बहाव और बड़े क्षेत्र में तलाश करना भी ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना रहा है।
राहत एवं बचाव टीमें संभावित सभी स्थानों पर जवानों को तलाशने में जुटी हैं। NDRF और SDRF की टीमें भी अभियान में शामिल हैं।
हादसे की वजह बनी बोट की तकनीकी खराबी
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बोट में तकनीकी खराबी आने के बाद यह हादसा हुआ। हालांकि दुर्घटना की पूरी परिस्थितियों और तकनीकी खराबी के कारणों को लेकर विस्तृत जानकारी का इंतजार है। सेना के प्रशिक्षण अभ्यास के दौरान हुए इस हादसे के बाद सुरक्षा व्यवस्था और प्रशिक्षण में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों की स्थिति को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।



