कस्बे के कुंज चौक पर आयोजित ढाई कड़ी की श्रीरामलीला के आठवें दिन हनुमान जी द्वारा समुद्र लांघने, माता सीता की खोज और लंका दहन की रोमांचक लीलाओं का मंचन किया गया। कलाकारों के जीवंत अभिनय ने दर्शकों को भावविभोर कर दिया।
लीला में दिखाया गया कि जामवंत के स्मरण कराने पर हनुमान जी अपनी शक्तियों को पहचानते हैं और समुद्र पार कर लंका पहुंचते हैं। वहां विभीषण से भेंट के बाद अशोक वाटिका में माता सीता को प्रभु श्रीराम की मुद्रिका सौंपते हैं।
इसके बाद रावण पुत्र अक्षय कुमार वध और मेघनाद द्वारा हनुमान जी को नागपाश में बांधकर दरबार में लाने के दृश्य का प्रभावशाली मंचन किया गया। जब रावण ने हनुमान जी की पूंछ में आग लगवाई, तो उन्होंने पूरी स्वर्ण लंका को जलाकर राख कर दिया।
कार्यक्रम से पूर्व मुख्य अतिथि विशाल गालव (रेड क्रॉस सोसाइटी अध्यक्ष) और राधेश्याम सुमन ने मां दुर्गा की झांकी की आरती की। रामलीला मंडल द्वारा अतिथियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया।
आयोजकों ने बताया कि शनिवार को रावण, कुंभकरण और मेघनाद वध की लीला का मंचन किया जाएगा, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है।
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