राज्य सरकार की जनकल्याणकारी एवं फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलेभर में आयोजित किए जा रहे ग्रामीण सेवा शिविर ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती प्रदान कर रहे हैं। इन शिविरों के माध्यम से ग्रामीणों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श, जांच, दवाइयों तथा विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ एक ही स्थान पर उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे आमजन को राहत मिल रही है।
जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशों की पालना में सोमवार को मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. ओ.पी. सामर ने हिण्डोली ब्लॉक के ग्राम आकोदा में आयोजित ग्रामीण सेवा शिविर का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने शिविर में उपलब्ध स्वास्थ्य सेवाओं, व्यवस्थाओं और लाभार्थियों को प्रदान की जा रही सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी एवं सुदृढ़ बनाने के निर्देश भी दिए।
डॉ. सामर ने शिविर में मौजूद ग्रामीणों से संवाद करते हुए उन्हें सरकार द्वारा संचालित स्वास्थ्य योजनाओं का अधिकतम लाभ लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों का मुख्य उद्देश्य गांवों में रहने वाले लोगों को उनके घर के निकट गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें अस्पतालों के चक्कर न लगाने पड़ें।
शिविर में 30 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के लोगों की एनसीडी (नॉन कम्युनिकेबल डिजीज) स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके तहत उच्च रक्तचाप (बीपी), मधुमेह (शुगर), सर्वाइकल कैंसर, ब्रेस्ट कैंसर एवं ओरल कैंसर की जांच की जा रही है। साथ ही 14 से 15 वर्ष की किशोरियों का एचपीवी टीकाकरण, आभा आईडी निर्माण तथा बीपी एवं शुगर रोगियों का उपचार कर उनका डेटा एनसीडी पोर्टल पर दर्ज किया जा रहा है।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं के तहत गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, बच्चों का नियमित टीकाकरण, टीबी स्क्रीनिंग और अन्य आवश्यक स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराई जा रही हैं। पात्र लाभार्थियों को पोषण किट वितरण, निक्षय मित्र योजना से जोड़ने तथा प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) कार्ड निर्माण की सुविधा भी शिविर में प्रदान की जा रही है।
शिविर के निरीक्षण के बाद डॉ. सामर ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) आकोदा का भी निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने दवाइयों की उपलब्धता, साफ-सफाई, शौचालय व्यवस्था, लू एवं तापघात प्रबंधन, मौसमी बीमारियों से निपटने की तैयारियों तथा अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान व्यवस्थाएं संतोषजनक पाई गईं और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।




