ग्रामीण सेवा शिविर में सहमति से हुआ खाता विभाजन, सहखातेदारों को मिली राहत
राज्य सरकार के निर्देशानुसार आयोजित ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से आमजन की राजस्व संबंधी समस्याओं का त्वरित एवं पारदर्शी समाधान किया जा रहा है। इसी क्रम में ग्राम पंचायत सेमलीहाट में आयोजित शिविर के दौरान वर्षों से लंबित संयुक्त खातेदारी का मामला आपसी सहमति से मौके पर ही निस्तारित कर सहखातेदारों को बड़ी राहत प्रदान की गई।
शिविर में ग्राम सेमलीहाट के खसरा संख्या 1077 एवं 680 की कुल 1.1169 हेक्टेयर भूमि से जुड़े संयुक्त खातेदारी के प्रकरण पर सुनवाई की गई। संयुक्त खातेदारी के कारण संबंधित सहखातेदारों को भूमि से जुड़े विभिन्न राजस्व कार्यों में लंबे समय से परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
शिविर में सभी पक्षों की सहमति प्राप्त होने के बाद नियमानुसार खाता विभाजन की प्रक्रिया पूरी कर प्रकरण का तत्काल निस्तारण किया गया। इस कार्रवाई के बाद नत्थे खां पुत्र फरियाद खां, फूलचंद पुत्र किशना तथा रोड़ूलाल पुत्र किशना को उनके हिस्से की भूमि पर अलग-अलग अधिकार प्राप्त हो गए। इससे भविष्य में राजस्व संबंधी कार्यों में सुविधा मिलेगी और संभावित विवादों की आशंका भी कम होगी।
शिविर प्रभारी एवं उपखंड अधिकारी पुष्कर मित्तल ने बताया कि ग्रामीण सेवा शिविरों का उद्देश्य राजस्व एवं प्रशासनिक सेवाओं को ग्रामीणों तक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि शिविरों में वर्षों से लंबित मामलों का त्वरित समाधान कर आमजन को राहत दी जा रही है। सहमति से किए जाने वाले खाता विभाजन जैसे प्रयास न केवल आपसी विवाद कम करते हैं, बल्कि ग्रामीणों को स्थायी समाधान भी उपलब्ध कराते हैं।
शिविर में उपस्थित ग्रामीणों और सहखातेदारों ने मौके पर हुए निस्तारण की सराहना करते हुए राजस्व विभाग का आभार व्यक्त किया। उनका कहना था कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ते थे, जबकि अब ग्रामीण सेवा शिविरों के माध्यम से गांव में ही समस्याओं का समाधान होने लगा है, जिससे समय, धन और श्रम की बचत हो रही है।




