सवाई माधोपुर जिले के खण्डार क्षेत्र स्थित ग्राम गोठड़ा आज भी अपनी प्राचीन सांस्कृतिक परंपराओं को संजोए हुए है। जहां एक ओर समय के साथ रामलीला जैसी परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं, वहीं गोठड़ा गांव पिछले लगभग 70 वर्षों से इस परंपरा को जीवित रखे हुए है।
इसी कड़ी में गांव में आगामी 15 मई 2026 से भव्य रामलीला का मंचन किया जाएगा। इस संबंध में 28 अप्रैल को श्री गोपाल जी मंदिर परिसर में एक बैठक आयोजित की गई, जिसकी अध्यक्षता मोहनलाल जाट ने की। बैठक में रामलीला के प्रमुख पात्र एवं अध्यापक रमेश चौधरी ने बताया कि यह परंपरा लगातार जारी है और इसका उद्देश्य समाज में धार्मिक एवं नैतिक मूल्यों का प्रसार करना है।
उन्होंने कहा कि रामलीला के माध्यम से गांव के बच्चों को भगवान श्रीराम के आदर्श जीवन, मर्यादा और संस्कारों की प्रेरणा मिलती है। यही वजह है कि गोठड़ा गांव में सामाजिक सौहार्द, धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक जागरूकता का विशेष माहौल बना हुआ है।
धार्मिक दृष्टि से ग्राम गोठड़ा को इस क्षेत्र का ‘वृंदावन’ भी कहा जाता है, जहां नियमित रूप से भजन-कीर्तन और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होते रहते हैं। इस आयोजन की खास बात यह है कि रामलीला का पूरा खर्च, पुरस्कार व्यवस्था और तैयारियां स्थानीय कलाकार स्वयं करते हैं, जबकि बाल कलाकारों को उनके परिवारों का पूरा सहयोग मिलता है।
बैठक में गोपाल जाट, सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक हरिबल्लभ शर्मा, रमेश शर्मा, घनश्याम वैष्णव, रामजीलाल, राधेश्याम शास्त्री, हरिशंकर चौधरी (पूर्व उपसरपंच), आर.डी. चौधरी (पूर्व डायरेक्टर), गोपाल चौधरी, हनुमान चौराड़ा, महावीर वैष्णव, बजरंग लाल दांताड़ा, हरिमोहन (पूर्व सरपंच), सियाराम भगत सहित कई गणमान्य नागरिक और कलाकार उपस्थित रहे।
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