घड़साना स्थित निजी अस्पताल शांति नर्सिंग होम में प्रसूता सुदेश कुमारी और उनके नवजात शिशु की मौत के मामले में सोमवार को परिजनों और स्थानीय लोगों ने एसडीएम प्रिया बजाज को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपी डॉक्टर राजेश गौड़ की गिरफ्तारी सहित अन्य मांगों को लेकर जल्द कार्रवाई की मांग की गई।
परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि 8 अप्रैल तक उनकी मांगों पर कार्रवाई नहीं की गई, तो 9 अप्रैल को एसडीएम कार्यालय के सामने महापड़ाव किया जाएगा।
मृतका के पति सुभाष चंद ने बताया कि 17 मार्च को हुए समझौते के बावजूद अब तक प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। इस मामले का नेतृत्व कर रहे समाजसेवी रामेश्वर बाबल ने बताया कि प्रसव के बाद सुदेश कुमारी को बीकानेर रेफर किया गया था, लेकिन उपचार से जुड़ी फाइल आज तक परिजनों को नहीं दी गई।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि अस्पताल में स्थापित सोनोग्राफी मशीन की वैधता और पिछले तीन वर्षों के रिकॉर्ड की जांच भी अधिकारियों को उपलब्ध नहीं कराई गई। वहीं मृतका के परिवार को सरकारी योजनाओं और आर्थिक सहायता का लाभ भी अब तक नहीं मिला है।
समाजसेवी कालूराम पेंसिया ने आरोप लगाया कि डॉक्टर द्वारा इलाज में लापरवाही बरती गई, जिसके कारण प्रसूता की मौत हुई। उन्होंने बताया कि मेडिकल कमेटी की रिपोर्ट दो बार गलत साबित होने के बावजूद उच्चस्तरीय जांच या एसआईटी गठन नहीं किया गया।
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मेडिकल रिपोर्ट उन्हें नहीं दी गई, जबकि आरोपी को उपलब्ध कराई गई है, जिससे वह अपने बचाव में इसका उपयोग कर रहा है। साथ ही चिकित्सा विभाग पर फर्जी रेफरल कार्ड बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं।
परिजनों और ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द न्याय की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि यदि समय पर कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
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