तहसील क्षेत्र के गांवों में समय के साथ किसान अब गेहूं की कटाई के आधुनिक तरीकों को अपना रहे हैं। बदलती परिस्थितियों और मजदूरों की कमी के चलते खेती में नई तकनीकों का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है।
पाडलिया गांव के किसान अंजीश उपाध्याय ने बताया कि पहले गेहूं की कटाई मजदूरों के माध्यम से करवाई जाती थी, लेकिन मजदूरी महंगी होने और समय पर मजदूर नहीं मिलने के कारण अब अधिकांश किसान हार्वेस्टर मशीन का उपयोग कर रहे हैं।
हालांकि, हार्वेस्टर मशीन से खेत के किनारों (मेड) की गेहूं की बालियां पूरी तरह नहीं कट पातीं, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता था। इस समस्या के समाधान के लिए अब किसान रीपर मशीन का उपयोग कर रहे हैं।
रीपर मशीन छोटे खेतों और उन स्थानों पर बेहद उपयोगी साबित हो रही है, जहां बड़े हार्वेस्टर नहीं पहुंच पाते। यह मशीन तेजी और कुशलता से गेहूं की कटाई करती है, विशेषकर खेत की मेड की कटाई में यह बेहद कारगर है।
इस तकनीक के उपयोग से पहले किनारों की कटाई कर ली जाती है, जिससे बाद में हार्वेस्टर आसानी से पूरे खेत की कटाई कर सकता है। इससे किसानों का समय बचता है और फसल नुकसान भी कम होता है।
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