गंभीर ने बताया संजू को इंग्लैंड से बाहर करना सबसे कठिन फैसला
भारतीय क्रिकेट टीम के मुख्य कोच गौतम गंभीर ने संजू सैमसन को लेकर बड़ा बयान दिया है। गंभीर ने कहा कि इंग्लैंड सीरीज से संजू सैमसन को बाहर रखने का फैसला उनके कोचिंग कार्यकाल के सबसे कठिन फैसलों में से एक था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि सैमसन की जगह वैभव सूर्यवंशी को मौका देना उस समय टीम की जरूरत और खिलाड़ियों के फॉर्म को देखते हुए लिया गया फैसला था।
इंग्लैंड सीरीज में संजू को बाहर करना था मुश्किल फैसला
गौतम गंभीर ने कहा कि संजू सैमसन को इंग्लैंड सीरीज से बाहर करना उनके लिए आसान फैसला नहीं था। सैमसन इससे पहले भारतीय टीम के लिए लगातार अच्छा प्रदर्शन कर चुके थे और टी20 वर्ल्ड कप में भी उनके प्रदर्शन को अहम माना गया था।
गंभीर के मुताबिक, किसी खिलाड़ी के कुछ मैचों में खराब प्रदर्शन करने से उसकी क्षमता पर सवाल नहीं उठाया जा सकता। टीम मैनेजमेंट ने परिस्थितियों और उस समय के फॉर्म को ध्यान में रखते हुए इंग्लैंड सीरीज के लिए अलग संयोजन पर भरोसा किया था।
वैभव सूर्यवंशी को मिला था मौका
संजू सैमसन की गैरमौजूदगी में युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को भारतीय टी20 टीम में मौका मिला। 15 वर्षीय सूर्यवंशी ने इंग्लैंड के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण किया था और तीन मैचों में 42 रन बनाए थे।
इसके बाद जिम्बाब्वे दौरे पर सूर्यवंशी ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 151 रन बनाए और 196.10 के स्ट्राइक रेट के साथ सीरीज में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज रहे। उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज भी चुना गया।
अफगानिस्तान सीरीज में सैमसन की वापसी
अफगानिस्तान के खिलाफ टी20 सीरीज में संजू सैमसन की भारतीय टीम में वापसी हुई। इस सीरीज में उन्हें लगातार तीनों मुकाबलों में खेलने का मौका मिला। सैमसन ने तीन मैचों में कुल 117 रन बनाए और दो अर्धशतक भी लगाए।
सैमसन की वापसी के बाद वैभव सूर्यवंशी को प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिल सकी। तीन मैचों की पूरी सीरीज में सूर्यवंशी बेंच पर रहे।
गंभीर ने बताया क्यों सैमसन को प्राथमिकता मिली
गंभीर ने समझाया कि टीम मैनेजमेंट का भरोसा उन खिलाड़ियों पर भी रहता है जिन्होंने लंबे समय तक अच्छा प्रदर्शन किया है। उनके अनुसार, कुछ मैचों में असफलता किसी खिलाड़ी को अचानक खराब खिलाड़ी नहीं बना देती।
गंभीर ने कहा कि भारतीय टीम ने जिस संयोजन के साथ वर्ल्ड कप में सफलता हासिल की थी, उसे दोबारा आजमाने की योजना थी। इसी वजह से सैमसन की वापसी को महत्व दिया गया।
वैभव सूर्यवंशी को अभी करना होगा इंतजार
गौतम गंभीर ने वैभव सूर्यवंशी को लेकर भी साफ संदेश दिया। उन्होंने कहा कि युवा बल्लेबाज को अपनी अगली पारी के लिए इंतजार करना होगा। टीम मैनेजमेंट को सूर्यवंशी की प्रतिभा और क्षमता पर पूरा भरोसा है, लेकिन टीम में पहले से अच्छा प्रदर्शन कर रहे खिलाड़ियों के रहते हर खिलाड़ी को तुरंत मौका मिलना संभव नहीं होता।
गंभीर ने यह भी कहा कि जब सूर्यवंशी को अगला मौका मिलेगा तो उन्हें पर्याप्त समय और लंबा रन दिया जाएगा। उन्होंने टीम में प्रतिस्पर्धा को भारतीय क्रिकेट के लिए जरूरी बताया।
15 साल की उम्र में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम
वैभव सूर्यवंशी ने बेहद कम उम्र में भारतीय टीम के लिए अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में कदम रखा है। इंग्लैंड दौरे पर डेब्यू करने के बाद उन्होंने जिम्बाब्वे में अपने प्रदर्शन से काफी ध्यान खींचा।
जिम्बाब्वे सीरीज में 151 रन और 196.10 के स्ट्राइक रेट ने उनके प्रदर्शन को खास बनाया। इसके बाद अफगानिस्तान सीरीज में उनके खेलने की उम्मीदें थीं, लेकिन सैमसन की वापसी के बाद उन्हें प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली।



