Form 6 से SIR घोषणा हटाई गई
नए मतदाताओं के लिए वोटर रजिस्ट्रेशन से जुड़ी प्रक्रिया में एक अहम बदलाव किया गया है। चुनाव आयोग ने Form 6 से SIR यानी Special Intensive Revision से जुड़ी अतिरिक्त घोषणा को हटा दिया है। हालांकि, यह बदलाव पूरे देश में एक साथ लागू नहीं किया गया है। जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां नए मतदाताओं को Form 6 भरते समय SIR से संबंधित अतिरिक्त घोषणा देने की जरूरत नहीं होगी।
Form 6 का इस्तेमाल पहली बार मतदाता बनने वाले नागरिकों का नाम मतदाता सूची में जोड़ने के लिए किया जाता है। ऐसे में Form 6 में हुए इस बदलाव का सीधा असर नए वोटर बनने वाले लोगों की आवेदन प्रक्रिया पर पड़ेगा।
पहले क्या जानकारी देनी पड़ती थी?
SIR प्रक्रिया के दौरान Form 6 के साथ एक अतिरिक्त घोषणा का प्रावधान किया गया था। इसमें आवेदक से यह जानकारी मांगी जाती थी कि वह या उसके माता-पिता पिछली SIR प्रक्रिया के दौरान तैयार मतदाता सूची में दर्ज थे या नहीं।
कई मामलों में आवेदकों को पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी भी देनी पड़ रही थी। खास तौर पर कुछ राज्यों में 2002 या 2003 की पुरानी मतदाता सूची से संबंधित जानकारी को लेकर आवेदन प्रक्रिया में अतिरिक्त विवरण मांगा गया था।
इस व्यवस्था का उद्देश्य पुराने मतदाता रिकॉर्ड के साथ नए आवेदक की जानकारी को जोड़कर मतदाता सूची के सत्यापन की प्रक्रिया को मजबूत करना था।
अब क्या बदलाव हुआ?
चुनाव आयोग ने SIR की प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों में Form 6 से इस अतिरिक्त घोषणा को हटाने का फैसला किया है। अब इन राज्यों में नए मतदाता सामान्य प्रक्रिया के तहत Form 6 भर सकेंगे।
यानी ऐसे राज्यों में नए वोटर को अपने या अपने माता-पिता के पुराने SIR रिकॉर्ड से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी।
इस बदलाव के बाद Form 6 की प्रक्रिया पहले की तुलना में सरल दिखाई देगी। खास तौर पर उन लोगों के लिए यह बदलाव महत्वपूर्ण है, जिन्हें पुराने मतदाता रिकॉर्ड की जानकारी जुटाने में परेशानी हो रही थी।
सभी राज्यों में लागू नहीं होगा बदलाव
यहां सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि Form 6 से SIR घोषणा हटाने का बदलाव सभी राज्यों के लिए एक जैसा नहीं है।
जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है, वहां सामान्य मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया लागू होगी। वहीं जिन राज्यों में SIR की प्रक्रिया चल रही है, वहां SIR से जुड़ी आवश्यकताएं लागू रह सकती हैं।
इसलिए नए मतदाताओं को Form 6 भरने से पहले अपने राज्य में लागू मौजूदा नियमों की जानकारी जरूर देखनी चाहिए।
ECINET पोर्टल पर भी बदलाव
चुनाव आयोग की ओर से यह बदलाव ऑनलाइन मतदाता पंजीकरण प्रक्रिया में भी किया गया है। ECINET पोर्टल पर Form 6 भरने वाले नए आवेदकों को SIR से संबंधित अतिरिक्त घोषणा का विकल्प उन राज्यों में नहीं दिखाई देगा, जहां संबंधित प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।
इससे ऑनलाइन वोटर रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिल सकती है।
नए वोटरों के लिए क्या मायने रखता है?
Form 6 उन नागरिकों के लिए जरूरी है, जो पहली बार मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज कराना चाहते हैं। आम तौर पर इसमें आवेदक की व्यक्तिगत जानकारी, पता और उम्र से जुड़ी जानकारी मांगी जाती है।
SIR घोषणा हटने के बाद संबंधित राज्यों में नए मतदाताओं को पुराने SIR रिकॉर्ड से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी। इससे आवेदन प्रक्रिया में लगने वाला समय कम हो सकता है और पुराने रिकॉर्ड को लेकर होने वाली परेशानी भी घट सकती है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि वोटर रजिस्ट्रेशन के लिए सभी दस्तावेज और जरूरी जानकारी खत्म कर दी गई है। सामान्य मतदाता पंजीकरण के लिए निर्धारित नियम और आवश्यक दस्तावेज अभी भी लागू रहेंगे।



