फुटबॉल वर्ल्ड कप 2026 का रोमांच शुरू हो चुका है और दुनिया की 48 सर्वश्रेष्ठ टीमें प्रतिष्ठित खिताब जीतने के लिए मैदान में उतर चुकी हैं। इस बार टूर्नामेंट पहले से अधिक प्रतिस्पर्धी माना जा रहा है। खेल विश्लेषण संस्था ऑप्टा सुपरकंप्यूटर और ESPN की रिपोर्ट के अनुसार स्पेन को इस विश्व कप का सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है।
स्पेन की टीम युवा और अनुभवी खिलाड़ियों का बेहतरीन मिश्रण है। टीम का सबसे चर्चित चेहरा 18 वर्षीय लेमिन यमाल हैं, जिन्होंने शानदार प्रदर्शन के दम पर ला लीगा प्लेयर ऑफ द सीजन का पुरस्कार हासिल किया। यमाल ने सीजन में 16 गोल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया है। उनके अलावा रोड्री और पेड्री जैसे भरोसेमंद मिडफील्डर स्पेन की टीम को मजबूती प्रदान करते हैं।
विश्व कप 2018 की चैंपियन फ्रांस को इस बार दूसरा सबसे बड़ा दावेदार माना जा रहा है। फ्रांस की टीम के कप्तान और स्टार खिलाड़ी किलियन एम्बापे शानदार फॉर्म में हैं। पिछले विश्व कप में एम्बापे ने फाइनल मुकाबले में हैट्रिक लगाकर इतिहास रचा था। उनकी गति, तकनीक और गोल करने की क्षमता फ्रांस को खिताब की दौड़ में मजबूत बनाती है।
तीसरे स्थान पर इंग्लैंड की टीम है, जिसकी कप्तानी हैरी केन कर रहे हैं। केन इस समय शानदार फॉर्म में हैं और उन्हें गोल्डन बूट जीतने का भी प्रबल दावेदार माना जा रहा है। 2025-26 सीजन में उन्होंने 51 मैचों में 61 गोल दागकर अपनी जबरदस्त फिनिशिंग क्षमता का प्रदर्शन किया है। इंग्लैंड की टीम लंबे समय बाद विश्व कप जीतने के सपने के साथ मैदान में उतरी है।
चौथे स्थान पर मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना है। अर्जेंटीना की उम्मीदें एक बार फिर महान खिलाड़ी लियोनेल मेसी पर टिकी हुई हैं। पिछले विश्व कप में मेसी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल में दो गोल किए थे और टीम को खिताब दिलाने में अहम भूमिका निभाई थी। अर्जेंटीना के प्रशंसकों को इस बार भी मेसी से किसी बड़े करिश्मे की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि स्पेन, फ्रांस, इंग्लैंड और अर्जेंटीना इस टूर्नामेंट की सबसे मजबूत टीमें हैं। हालांकि विश्व कप में किसी भी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता और कई बार बड़े उलटफेर भी देखने को मिलते हैं। ऐसे में फुटबॉल प्रेमियों को आने वाले मुकाबलों में जबरदस्त रोमांच देखने को मिल सकता है।




