क्या आपकी आंखें बता रही हैं हार्ट की बीमारी? इन संकेतों को बिल्कुल न करें नजरअंदाज
आंखें सिर्फ देखने का माध्यम ही नहीं हैं, बल्कि कई गंभीर बीमारियों के शुरुआती संकेत भी दे सकती हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, आंखों की रेटिना में मौजूद बारीक रक्त वाहिकाओं की जांच से हार्ट डिजीज, हाई ब्लड प्रेशर और हाई कोलेस्ट्रॉल जैसी समस्याओं के शुरुआती संकेत मिल सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि आंखों की रेटिना शरीर की रक्त वाहिकाओं की स्थिति को दर्शाती है। यदि इनमें सूजन, सिकुड़न, ब्लीडिंग या अन्य असामान्य बदलाव दिखाई दें, तो यह हृदय और रक्त संचार से जुड़ी समस्याओं का संकेत हो सकता है। इसी कारण नियमित आई चेकअप को केवल आंखों की नहीं, बल्कि संपूर्ण स्वास्थ्य जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।
डॉक्टरों के अनुसार, 40 वर्ष की उम्र के बाद साल में कम से कम एक बार आंखों की विस्तृत जांच जरूर करवानी चाहिए। जिन लोगों को हाई ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाई कोलेस्ट्रॉल, धूम्रपान की आदत या परिवार में हार्ट डिजीज का इतिहास है, उन्हें विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।
हालांकि विशेषज्ञ यह भी स्पष्ट करते हैं कि रेटिना में हर बदलाव का मतलब हार्ट डिजीज नहीं होता। कई बार डायबिटीज, बढ़ती उम्र, रेटिना की अन्य बीमारियां या ऑटोइम्यून रोग भी ऐसे बदलावों का कारण बन सकते हैं। इसलिए किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले विशेषज्ञ डॉक्टर से जांच और सलाह लेना जरूरी है।
हार्ट और आंखों दोनों को स्वस्थ रखने के लिए रोजाना व्यायाम, संतुलित आहार, पर्याप्त नींद, धूम्रपान और शराब से दूरी, तनाव नियंत्रण तथा समय-समय पर हेल्थ चेकअप कराने की सलाह दी जाती है। यदि आंखों के साथ सीने में दर्द, सांस फूलना, चक्कर आना या बार-बार धुंधला दिखाई देने जैसी समस्याएं हों, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।




