Empyema: फेफड़ों के बाहर क्यों जमा हो जाता है पस? जानिए कारण, लक्षण और बचाव
क्या बार-बार होने वाला निमोनिया या कमजोर इम्यूनिटी आपके फेफड़ों के लिए गंभीर खतरा बन सकती है? कई बार फेफड़ों का संक्रमण इतना बढ़ जाता है कि फेफड़ों और छाती की दीवार के बीच मौजूद जगह में मवाद यानी पस जमा होने लगता है। इस गंभीर स्थिति को मेडिकल भाषा में ‘एम्पायमा (Empyema)’ कहा जाता है। यदि समय रहते इसका इलाज न किया जाए, तो यह जानलेवा भी साबित हो सकती है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, एम्पायमा एक गंभीर संक्रमण है, जिसमें फेफड़ों के बाहर स्थित प्लूरल स्पेस (Pleural Space) में मवाद भर जाता है। यह समस्या अक्सर निमोनिया या फेफड़ों के गंभीर संक्रमण के बाद विकसित होती है। आइए विस्तार से जानते हैं कि एम्पायमा क्या है, इसके कारण, लक्षण, जोखिम और बचाव के तरीके क्या हैं।
एम्पायमा (Empyema) क्या है?
मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, हमारे फेफड़ों के चारों ओर एक पतली झिल्ली होती है जिसे प्लूरा (Pleura) कहा जाता है। फेफड़ों और छाती की दीवार के बीच एक छोटी-सी जगह होती है, जिसे प्लूरल स्पेस (Pleural Space) कहते हैं।
सामान्य स्थिति में इस जगह पर थोड़ी मात्रा में साफ तरल पदार्थ मौजूद रहता है, जो सांस लेने के दौरान फेफड़ों को आसानी से फैलने और सिकुड़ने में मदद करता है।
लेकिन जब किसी बैक्टीरियल संक्रमण के कारण इस जगह में मवाद (Pus) भरने लगता है, तो इस स्थिति को एम्पायमा (Empyema) कहा जाता है।
एम्पायमा क्यों होता है?
एम्पायमा आमतौर पर किसी गंभीर फेफड़ों के संक्रमण के बाद विकसित होता है। क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार इसके प्रमुख कारण निम्न हो सकते हैं—
निमोनिया (Pneumonia)
फेफड़ों में बैक्टीरियल संक्रमण
टीबी (Tuberculosis) के कुछ मामले
छाती में गंभीर चोट
फेफड़ों की सर्जरी के बाद संक्रमण
फेफड़ों में फोड़ा (Lung Abscess)
कमजोर प्रतिरक्षा प्रणाली (Weak Immunity)
यदि संक्रमण का समय पर इलाज नहीं किया जाए, तो वह प्लूरल स्पेस तक फैल सकता है और मवाद बनने लगता है।
एम्पायमा के प्रमुख लक्षण
एम्पायमा के लक्षण धीरे-धीरे या अचानक दिखाई दे सकते हैं। इनमें शामिल हैं—
तेज बुखार
लगातार खांसी
सीने में तेज दर्द
सांस लेने में तकलीफ
कमजोरी और थकान
रात में अधिक पसीना आना
भूख कम लगना
वजन घटना
गहरी सांस लेने पर दर्द बढ़ना
यदि किसी व्यक्ति में निमोनिया के बाद ये लक्षण बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
किन लोगों में अधिक होता है खतरा?
कुछ लोगों में एम्पायमा का खतरा अधिक हो सकता है—
बुजुर्ग
छोटे बच्चे
डायबिटीज के मरीज
कैंसर के मरीज
कमजोर इम्यूनिटी वाले लोग
लंबे समय तक धूम्रपान करने वाले
गंभीर फेफड़ों की बीमारी से पीड़ित मरीज




