ब्लूटूथ से ई-रिक्शा की बैटरी बंद करने के आरोपों के बाद सरकार ने BAT-BMS समेत तीन ऐप हटाने के निर्देश दिए। जानिए पूरा मामला, सुरक्षा खामी और बचाव के उपाय
ई-रिक्शा चालकों के लिए परेशानी का कारण बने तीन मोबाइल ऐप BAT-BMS, लॉसिजी और इपोच ली-आयन को लेकर केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्रालय ने इन ऐप्स को ऐप स्टोर से हटाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, खबर लिखे जाने तक ये ऐप्स कुछ प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध दिखाई दे रहे हैं।
हाल के दिनों में सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि कुछ लोग ब्लूटूथ के जरिए चलते हुए ई-रिक्शा की बैटरी बंद कर वाहन रोक रहे हैं। इस तरह की घटनाओं के बाद सरकार ने मामले को गंभीरता से लिया।
BAT-BMS ऐप क्या है?
BAT-BMS एक रियल टाइम बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) ऐप है, जिसे चीन की कंपनी Shenzhen Grenergy Technology ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य ब्लूटूथ आधारित लीथियम-आयन बैटरियों की निगरानी करना है। इसके जरिए बैटरी की चार्जिंग, वोल्टेज, तापमान, हेल्थ और अन्य तकनीकी जानकारी देखी जा सकती है।
कैसे रुक रहे थे चलते हुए ई-रिक्शा?
कुछ लीथियम-आयन बैटरियों में ब्लूटूथ आधारित बैटरी मैनेजमेंट सिस्टम (BMS) लगा होता है। यदि इस सिस्टम में मजबूत पासवर्ड नहीं लगाया गया हो या ब्लूटूथ खुला छोड़ दिया गया हो, तो कोई भी व्यक्ति 10 से 15 मीटर की दूरी से ऐप के जरिए बैटरी से कनेक्ट होकर डिस्चार्ज सिस्टम को नियंत्रित कर सकता है। इसी कमजोरी का गलत इस्तेमाल किया जा रहा था।
क्या सभी ई-रिक्शा खतरे में हैं?
नहीं। सभी ई-रिक्शा इस जोखिम में नहीं हैं।
जिन ई-रिक्शा में पुरानी लेड-एसिड बैटरी लगी है, वे पूरी तरह सुरक्षित हैं।
जिन लीथियम बैटरियों में मजबूत पासवर्ड और सुरक्षित ब्लूटूथ सिस्टम मौजूद है, उन्हें भी कोई सामान्य ऐप एक्सेस नहीं कर सकता।
क्या ये ऐप ई-रिक्शा रोकने के लिए बनाए गए थे?
नहीं। इन ऐप्स का मूल उद्देश्य सौर ऊर्जा सिस्टम, नावों और अन्य उपकरणों में लगी लीथियम बैटरियों की मॉनिटरिंग और मेंटेनेंस था। इनमें दिया गया डिस्चार्ज ऑन/ऑफ फीचर सुरक्षा और रखरखाव के लिए था, लेकिन भारत में कुछ लोगों ने इसका गलत इस्तेमाल ई-रिक्शा की बैटरियां बंद करने के लिए शुरू कर दिया।




