दूनी कस्बे में करीब दस साल पहले घर में सौ वर्षीय वृद्धा भूरी बेगम की गला रेत हत्या करने और उसके पैरों को काटकर चांदी की कड़ियां ले जाने के मामले में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश महावीर महावर ने गुरुवार को फैसला सुनाया।
न्यायाधीश ने दो हत्यारों को आजीवन कारावास की सजा दी और 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया। तीसरे आरोपी को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया गया। वहीं, इस मामले का एक आरोपी अभी फरार है।
आजीवन कारावास पाने वाले आरोपी:
सीताराम, पुत्र हरजी, मालपुरा थाना क्षेत्र, घाटी रेबारियों की बाड़ी निवासी
रामनिवास उर्फ काल्यो, पुत्र देवाराम, मालपुरा थाना क्षेत्र
तीसरे आरोपी अम्बालाल को कोर्ट ने बरी किया। फरार आरोपी प्रभुलाल, पुत्र रामस्वरूप, हनुमान नगर थाना क्षेत्र, भीलवाड़ा जिले से है।
मृतका के इकलौते बेटे ईद मोहम्मद कायमखानी ने खुशी जताई और पुलिस से फरार आरोपी को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की।
मामले की पृष्ठभूमि:
26 जून 2016 को साकिर हुसैन ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसकी चाची भूरी बेगम कुएं पर नहीं आई। घर जाकर देखा तो उसका शव लहूलुहान हालत में मिला। धारदार हथियार से गला रेतकर और पैरों को काटकर चांदी की कड़ियां ले जाई गई थीं।
दूनी थाना पुलिस ने घटना स्थल का मुआयना कर हत्या का मामला दर्ज किया। कुछ दिनों बाद तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और कोर्ट में चालान पेश किया गया। अभियोजन पक्ष ने 20 गवाह और 42 दस्तावेज पेश किए।
कोर्ट का निर्णय और टिप्पणी:
न्यायाधीश महावीर महावर ने टिप्पणी की कि न्याय सिर्फ मिलने भर से नहीं, बल्कि उसे दिखाना भी आवश्यक है। विधि का उद्देश्य समाज को सुरक्षित करना और अपराधियों में भय उत्पन्न करना है। इस प्रकरण में सुरक्षित जगह घर के अंदर हुई हत्या को गंभीर अपराध माना गया।




