500 करोड़ रुपये के मानहानि नोटिस में क्या है मांग?
दिशा सालियन की मौत से जुड़े मामले में एक नया कानूनी घटनाक्रम सामने आया है। दिशा सालियन के पिता सतीश सालियन ने शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे और एनसीपी (SP) नेता एवं महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री अनिल देशमुख को 500 करोड़ रुपये का कानूनी नोटिस भेजा है। नोटिस में दोनों नेताओं से सार्वजनिक माफी और हर्जाने की मांग की गई है।
सतीश सालियन ने क्यों भेजा 500 करोड़ का नोटिस?
रिपोर्टों के अनुसार, सतीश सालियन का आरोप है कि उनकी बेटी की मौत की जांच और न्याय की मांग को आदित्य ठाकरे और अनिल देशमुख की ओर से राजनीतिक रूप से प्रेरित बताने वाली टिप्पणियों से उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचा। इसी आधार पर उन्होंने मानहानि का कानूनी नोटिस भेजा है।
नोटिस में 500 करोड़ रुपये के हर्जाने के साथ-साथ दोनों नेताओं से बिना शर्त सार्वजनिक माफी मांगने की बात कही गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, माफी को प्रमुख प्रिंट, टीवी और डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्रकाशित एवं प्रसारित करने की मांग भी की गई है।
7 दिन में माफी की मांग
इस मामले में सामने आई रिपोर्ट के मुताबिक, सतीश सालियन ने दोनों नेताओं को सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और कथित बयानों को वापस लेने के लिए सात दिन का समय दिया है। ऐसा नहीं होने पर 500 करोड़ रुपये की मानहानि कार्रवाई आगे बढ़ाने की बात कही गई है।
दिशा सालियन की मौत का मामला क्या है?
दिशा सालियन, अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत की पूर्व मैनेजर थीं। उनकी मौत 8 जून 2020 को मुंबई के मालाड इलाके में एक ऊंची इमारत से गिरने के बाद हुई थी। पुलिस ने शुरुआती तौर पर इसे दुर्घटनावश हुई मौत के रूप में दर्ज किया था।
बाद में दिशा सालियन के पिता ने मामले में FIR और नए सिरे से जांच की मांग को लेकर बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया था। इस मामले में कई लोगों की भूमिका को लेकर अलग-अलग दावे और आरोप सामने आते रहे हैं।
CBI ने दर्ज की FIR, जांच जारी
दिशा सालियन मामले की जांच अब CBI के पास है। CBI ने मामले में FIR दर्ज की है, जिसमें हत्या और आपराधिक साजिश से संबंधित धाराएं शामिल हैं। FIR में आदित्य ठाकरे, डिनो मोरिया, सूरज पंचोली और रिया चक्रवर्ती समेत कई लोगों की भूमिकाओं को जांच के दायरे में रखा गया है।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि FIR में किसी व्यक्ति का नाम होना अपने आप में अपराध सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले की जांच जारी है और संबंधित आरोपों का अंतिम निर्धारण कानूनी प्रक्रिया के तहत होगा।



