पांच मंजिला इमारत बनी कब्रगाह! दिल्ली PG हादसे में 7 की मौत
दिल्ली के पीजी इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने के दर्दनाक हादसे में मौतों का आंकड़ा बढ़कर 7 पहुंच गया है। राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से एक और शव बरामद किया गया। हादसे के बाद से ही घटनास्थल पर बचाव दल लगातार मलबा हटाने और उसमें फंसे लोगों की तलाश में जुटे हैं।
हादसे ने राजधानी में भवनों की सुरक्षा और निर्माण कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि इमारत के बेसमेंट में तोड़फोड़ और निर्माण संबंधी गतिविधियों के दौरान पांच मंजिला बिल्डिंग अचानक भरभराकर गिर गई।
बेसमेंट में तोड़फोड़ के दौरान गिरी पांच मंजिला इमारत
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे के समय इमारत के बेसमेंट में तोड़फोड़ का काम चल रहा था। इसी दौरान भवन का संतुलन बिगड़ा और पूरी पांच मंजिला इमारत अचानक ढह गई।
इमारत के गिरते ही आसपास के इलाके में अफरा-तफरी मच गई। मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की आशंका के चलते तत्काल राहत और बचाव दल को मौके पर भेजा गया।
बचावकर्मियों ने भारी मलबे के बीच सावधानीपूर्वक तलाशी अभियान शुरू किया। अभियान के दौरान लगातार मलबा हटाकर संभावित रूप से फंसे लोगों की तलाश की गई।
मलबे से लगातार निकाले जा रहे शव
हादसे के बाद राहत-बचाव अभियान के दौरान मलबे से शव बरामद होने का सिलसिला जारी रहा। एक और शव मिलने के बाद मृतकों की संख्या बढ़कर सात हो गई है।
बचाव अभियान में अत्याधुनिक उपकरणों के साथ टीमों को लगाया गया है। मलबे को हटाने के दौरान इस बात का विशेष ध्यान रखा जा रहा है कि किसी संभावित जीवित व्यक्ति को नुकसान न पहुंचे।
घटनास्थल पर पुलिस और प्रशासन की टीमें भी मौजूद हैं और पूरे इलाके को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।
हादसे के कारणों की जांच पर नजर
पांच मंजिला इमारत के अचानक गिरने के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर बेसमेंट में ऐसा क्या काम चल रहा था, जिससे पूरी बिल्डिंग का ढांचा प्रभावित हुआ।
बेसमेंट में तोड़फोड़ के दौरान भवन की नींव या संरचनात्मक हिस्सों पर असर पड़ा या नहीं, इसकी जांच महत्वपूर्ण होगी। हादसे के वास्तविक कारणों का पता विस्तृत जांच के बाद ही चल सकेगा।
प्रशासन की ओर से घटनास्थल का निरीक्षण और हादसे से जुड़े तथ्यों को जुटाने की प्रक्रिया की जा रही है।
भवन सुरक्षा को लेकर उठे सवाल
दिल्ली जैसे घनी आबादी वाले शहर में पुराने और बहुमंजिला भवनों की सुरक्षा हमेशा महत्वपूर्ण मुद्दा रही है। किसी भवन के बेसमेंट में निर्माण, खुदाई या तोड़फोड़ से पहले उसकी संरचनात्मक क्षमता का आकलन बेहद जरूरी माना जाता है।
इस हादसे के बाद भवन निर्माण और बेसमेंट में होने वाले कार्यों की निगरानी को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं। यदि नियमों की अनदेखी हुई है तो जिम्मेदारी तय करना भी जांच का अहम हिस्सा होगा।



