दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से 6 राज्यों के 30 शहरों को मिलेगी हाईस्पीड कनेक्टिविटी
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे क्या है?
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे देश के सबसे बड़े और महत्वाकांक्षी एक्सप्रेसवे कॉरिडोर में शामिल है। यह दिल्ली से मुंबई तक करीब 1,380 किलोमीटर लंबा ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे है। लिंक एक्सप्रेसवे को शामिल करने पर इसका नेटवर्क करीब 1,450 किलोमीटर तक पहुंच जाता है।
यह एक्सप्रेसवे दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र को हाईस्पीड कनेक्टिविटी देता है। पूरा कॉरिडोर चालू होने के बाद दिल्ली से मुंबई की यात्रा का समय करीब 24 घंटे से घटकर 12 घंटे तक आने की उम्मीद है।
8 लेन का ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे को फिलहाल 8 लेन का बनाया गया है। भविष्य में यातायात बढ़ने की स्थिति में इसे 12 लेन तक विस्तार करने की क्षमता रखी गई है।
इसका उद्देश्य दिल्ली और मुंबई जैसे बड़े आर्थिक केंद्रों के बीच तेज, सुरक्षित और बेहतर सड़क संपर्क उपलब्ध कराना है। एक्सप्रेसवे के साथ कई लिंक रूट भी विकसित किए जा रहे हैं, जिससे आसपास के प्रमुख शहरों और औद्योगिक क्षेत्रों को सीधे कनेक्टिविटी मिल सके।
वन्यजीवों की सुरक्षा का भी रखा गया ध्यान
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे की खासियत सिर्फ इसकी लंबाई और कनेक्टिविटी नहीं है। इसे वन्यजीवों की आवाजाही को ध्यान में रखते हुए भी डिजाइन किया गया है।
जंगलों और वाइल्डलाइफ सेंक्चुरी वाले क्षेत्रों में वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही के लिए ओवरपास और अंडरपास जैसी संरचनाएं विकसित की गई हैं। राजस्थान के मुकुंदरा हिल्स क्षेत्र में एक्सप्रेसवे के लिए सुरंग का भी निर्माण किया गया है।
एक्सप्रेसवे का कितना काम पूरा हुआ?
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा निर्माण पूरा होने के बाद यातायात के लिए खोला जा चुका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक करीब 850 किलोमीटर से अधिक हिस्सा चालू हो चुका है।
दिल्ली से गुजरात के वड़ोदरा तक एक्सप्रेसवे का बड़ा हिस्सा आवाजाही के लिए उपलब्ध है, जबकि वड़ोदरा से मुंबई के बीच के हिस्से पर निर्माण कार्य जारी है।
राज्यवार स्थिति इस प्रकार है:
दिल्ली और हरियाणा: 169 किमी, 100% चालू
राजस्थान: 373 किमी, करीब 98% पूरा
मध्य प्रदेश: 244 किमी, 100% पूरा
गुजरात: 426 किमी, करीब 85% पूरा
महाराष्ट्र: 174 किमी, करीब 60% पूरा
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का रूट
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और इसके लिंक रूट मिलाकर देश के करीब 30 शहरों को जोड़ने वाला बड़ा हाईस्पीड नेटवर्क तैयार हो रहा है।
दिल्ली की तरफ से इसका कनेक्शन सराय काले खां और डीएनडी फ्लाईओवर क्षेत्र से होकर हरियाणा की ओर जाता है। इसके बाद गुरुग्राम, फरीदाबाद, बल्लभगढ़, नूंह और पलवल जैसे इलाके इससे जुड़ते हैं।
राजस्थान में यह एक्सप्रेसवे अलवर, बांदीकुई, दौसा, सवाई माधोपुर, कोटा और बूंदी जैसे शहरों से गुजरता है। जयपुर को लिंक रूट के जरिए कनेक्टिविटी मिलती है।




