दिल्ली में अवैध निर्माण वाली इमारतों पर चलेगा बुलडोजर, हॉस्टलों की जांच के आदेश
दिल्ली के सत्य निकेतन PG हादसे के बाद राजधानी में अवैध और जर्जर इमारतों को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपना लिया है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि दिल्ली में अवैध निर्माण वाली इमारतों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाए। साथ ही राजधानी के सभी हॉस्टलों और PG की सुरक्षा व्यवस्था की जांच करने के भी निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का फोकस अब ऐसी इमारतों पर है, जहां नियमों की अनदेखी कर लोगों को रहने के लिए जगह उपलब्ध कराई जा रही है।
अवैध निर्माण वाली इमारतों पर होगी कार्रवाई
सत्य निकेतन में PG की इमारत गिरने के बाद सामने आए सवालों के बीच दिल्ली सरकार ने अवैध निर्माण के खिलाफ अभियान तेज करने का फैसला किया है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि जिन इमारतों में अवैध तरीके से निर्माण किया गया है या जो लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं, उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए।
MCD की ओर से भी दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में इमारतों की जांच की जा रही है। जांच के दौरान जिन भवनों को असुरक्षित पाया जाएगा, उनके खिलाफ सीलिंग या ध्वस्तीकरण जैसी कार्रवाई की जा सकती है।
सभी PG और हॉस्टलों की होगी जांच
सरकार ने सिर्फ अवैध निर्माण तक कार्रवाई सीमित नहीं रखी है। दिल्ली के PG और हॉस्टलों की भी जांच के निर्देश दिए गए हैं। इस जांच में बिल्डिंग की मजबूती, फायर सेफ्टी, निकासी के रास्ते और अन्य सुरक्षा इंतजामों को देखा जाएगा।
दरअसल, दिल्ली में बड़ी संख्या में छात्र और नौकरी करने वाले युवा PG और हॉस्टलों में रहते हैं। ऐसे में किसी भी इमारत में सुरक्षा नियमों की अनदेखी लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बन सकती है। सरकार का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया जाएगा।
सत्य निकेतन हादसे में 5 गिरफ्तार
सत्य निकेतन PG बिल्डिंग हादसे की जांच में पुलिस की कार्रवाई भी लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में अब तक पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस हादसे से पहले इमारत में चल रहे निर्माण और मरम्मत कार्य के साथ-साथ बिल्डिंग की सुरक्षा से जुड़े पहलुओं की भी जांच कर रही है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इमारत में निर्माण के दौरान नियमों का पालन किया गया था या नहीं और अगर सुरक्षा मानकों की अनदेखी हुई तो इसके लिए जिम्मेदार कौन है।



