मानसून में जलभराव बना जानलेवा
दिल्ली में मानसून की बारिश एक बार फिर जानलेवा साबित हुई। राजधानी के अलीपुर थाना क्षेत्र के मुखमेलपुर गांव में बारिश के पानी से भरे गहरे गड्ढे में डूबने से दो सगे भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई। इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। परिवार में मातम पसरा हुआ है, जबकि स्थानीय लोग प्रशासन की लापरवाही पर सवाल उठा रहे हैं।
खेलते-खेलते गहरे गड्ढे में गिरे दोनों मासूम
जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम दोनों बच्चे खेत के पास खेल रहे थे। इसी दौरान बारिश के पानी से भरे एक गहरे गड्ढे के पास पहुंच गए। खेलते-खेलते उनका संतुलन बिगड़ा और दोनों गड्ढे में गिर गए। पानी अधिक होने की वजह से दोनों बाहर नहीं निकल सके और देखते ही देखते डूब गए।
सूचना मिलते ही शुरू हुआ रेस्क्यू ऑपरेशन
दिल्ली फायर सर्विस के अनुसार शाम करीब 5:55 बजे बच्चों के पानी में डूबने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही दमकल विभाग, पुलिस और अन्य राहत दल मौके पर पहुंचे। काफी देर तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद दोनों बच्चों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी।
परिवार में मचा कोहराम
दोनों बच्चों की मौत की खबर मिलते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। पूरे गांव में शोक का माहौल है और लोग इस दर्दनाक हादसे से सदमे में हैं।
मानसून में बने जानलेवा गड्ढे
हर साल बारिश के दौरान देश के कई हिस्सों में खुले गड्ढे और जलभराव लोगों की जान ले लेते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे स्थानों को समय रहते बैरिकेडिंग कर सुरक्षित किया जाना चाहिए ताकि इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
पुलिस कर रही है मामले की जांच
फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई और कहीं सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही तो नहीं बरती गई, इसकी भी जांच की जा रही है।
प्रशासन पर उठ रहे सवाल
स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस गड्ढे में बच्चे डूबे, वहां पहले भी पानी भरता था, लेकिन उसे न तो भरा गया और न ही वहां किसी तरह की चेतावनी या सुरक्षा व्यवस्था की गई। ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि यदि समय रहते सुरक्षा इंतजाम किए गए होते तो शायद दो मासूमों की जान बच सकती थी।




