डेटिंग ऐप पर 67 साल के बुजुर्ग को फंसाया, डिनर के बाद मोबाइल चोरी और खाते से 1.30 लाख पार
दिल्ली में डेटिंग ऐप से शुरू हुई दोस्ती कुछ ही दिनों में ऐसी ठगी में बदल गई, जिसमें पहले मुलाकात हुई, फिर मोबाइल गायब हुआ और उसके बाद बैंक खाते से 1.30 लाख रुपये निकल गए। 67 साल के एक बुजुर्ग को कथित तौर पर फर्जी पहचान के जरिए डेटिंग ऐप पर अपने जाल में फंसाने के मामले में पुलिस ने दो युवतियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस की जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले फर्जी प्रोफाइल बनाकर बुजुर्ग से संपर्क किया और बातचीत को आगे बढ़ाने के बाद मुलाकात की योजना बनाई। इसके बाद मामला डेटिंग ऐप से निकलकर टेलीग्राम तक पहुंच गया।
फर्जी प्रोफाइल से शुरू हुई बातचीत
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों में से एक युवती ने कथित तौर पर डेटिंग ऐप पर नकली नाम से प्रोफाइल बनाई थी। इसी प्रोफाइल के जरिए 67 वर्षीय बुजुर्ग से बातचीत शुरू हुई। बातचीत बढ़ने के बाद दोनों के बीच मुलाकात तय हुई। आरोप है कि इसके बाद दूसरी युवती को भी इस योजना में शामिल किया गया। वह कथित तौर पर उसी महिला की पहचान बनाकर बुजुर्ग से मिली, जिससे उनकी डेटिंग ऐप पर बातचीत चल रही थी।
इस तरह बुजुर्ग को यह भरोसा दिलाया गया कि वह उसी महिला से मिलने जा रहे हैं, जिससे उनकी ऑनलाइन बातचीत हुई थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस पूरी योजना में दोनों की भूमिका क्या थी और क्या इनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी जुड़ा हुआ था।
डिनर के बाद मोबाइल हुआ गायब
पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई को बुजुर्ग दोनों महिलाओं से मिले थे। इसके बाद 24 जुलाई को तीनों दिल्ली के डिफेंस कॉलोनी इलाके के एक रेस्टोरेंट में पहुंचे, जहां उन्होंने साथ में डिनर किया। डिनर के बाद जब बुजुर्ग वहां से निकल रहे थे, तभी उनका मोबाइल फोन कथित तौर पर चोरी हो गया। इसके कुछ ही समय बाद उनके दो बैंक खातों से UPI के जरिए करीब 1.30 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए गए।
यहीं से मामला सिर्फ मोबाइल चोरी का नहीं रहा, बल्कि सीधे साइबर ठगी में बदल गया। मोबाइल फोन के जरिए बैंकिंग से जुड़ी जानकारी तक पहुंच बनाई गई और रकम को अलग-अलग खातों में ट्रांसफर किए जाने की बात सामने आई।
CCTV ने खोला ठगी का राज
बुजुर्ग की शिकायत के बाद 25 जुलाई को दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के साइबर थाने में ई-एफआईआर दर्ज की गई। इसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच टीम ने बैंक खातों में हुए लेन-देन, CCTV फुटेज और मोबाइल से जुड़ी तकनीकी जानकारी को खंगाला। इसी दौरान पुलिस को अहम सुराग मिले।
जांच में पता चला कि ठगी की रकम पहले एक आरोपी के खाते में पहुंची और इसके बाद उसे दूसरे खाते में ट्रांसफर किया गया। पुलिस के मुताबिक, करीब 90 हजार रुपये ATM से निकाले गए। CCTV फुटेज में दो महिलाएं कथित तौर पर पैसे निकालती हुई दिखाई दीं। बैंक ट्रांजैक्शन और CCTV फुटेज को जोड़कर पुलिस आरोपियों तक पहुंची।



