दिल्ली BRICS में मोदी-जिनपिंग की मुलाकात? दुनिया की नजर भारत पर
सितंबर में दिल्ली से दुनिया को एक बड़ा कूटनीतिक संदेश मिल सकता है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भारत दौरे की संभावनाओं ने भारत-चीन रिश्तों को लेकर नई चर्चा शुरू कर दी है। अगर जिनपिंग भारत आते हैं, तो करीब 7 साल बाद उनकी भारत यात्रा होगी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ उनकी अहम मुलाकात हो सकती है।
भारत में 12 और 13 सितंबर को 18वां BRICS सम्मेलन आयोजित होने जा रहा है। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के सम्मेलन में शामिल होने की पुष्टि हो चुकी है, जबकि शी जिनपिंग के भारत दौरे को लेकर अभी चीन की तरफ से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, संभावित यात्रा को लेकर तैयारियों की खबरें सामने आ रही हैं।
मोदी-जिनपिंग मुलाकात में LAC सबसे बड़ा मुद्दा?
अगर जिनपिंग दिल्ली पहुंचते हैं, तो प्रधानमंत्री मोदी के साथ बातचीत में भारत-चीन सीमा और LAC सबसे अहम मुद्दों में शामिल हो सकता है। दोनों देश सीमा पर शांति बनाए रखने, तनाव कम करने और आगे की स्थिति को बेहतर बनाने के उपायों पर चर्चा कर सकते हैं।
भारत और चीन के बीच सीमा विवाद लंबे समय से दोनों देशों के रिश्तों को प्रभावित करता रहा है। ऐसे में दोनों नेताओं की संभावित मुलाकात को काफी अहम माना जा रहा है।
व्यापार और रेयर अर्थ मैगनेट पर भी चर्चा संभव
सीमा विवाद के साथ-साथ दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक संबंध भी बातचीत के एजेंडे में रह सकते हैं। रेयर अर्थ मैगनेट, इलेक्ट्रॉनिक सामान की सप्लाई, सीमा व्यापार और वीजा जैसे मुद्दों पर भी चर्चा होने की संभावना जताई जा रही है।
खासकर रेयर अर्थ मैगनेट को लेकर दुनिया भर में सप्लाई चेन महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है। ऐसे में भारत-चीन बातचीत में यह विषय भी अहम हो सकता है।
जिनपिंग से पहले अजीत डोभाल की चीन यात्रा?
जिनपिंग के संभावित भारत दौरे से पहले NSA अजीत डोभाल की चीन यात्रा भी हो सकती है। अगर ऐसा होता है तो इसे दोनों देशों के बीच उच्चस्तरीय बातचीत को आगे बढ़ाने की दिशा में अहम कदम माना जाएगा।



