राजस्थान के दौसा जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुए भीषण बस-ट्रेलर अग्निकांड में मृतकों की पहचान डीएनए जांच के जरिए पूरी कर ली गई है। हादसे में जिंदा जलकर जान गंवाने वाले छह लोगों के शवों की डीएनए रिपोर्ट आने के बाद गुरुवार को पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया। इस हादसे में कुल आठ लोगों की मौत हुई थी।
डीएनए जांच से हुई छह शवों की पहचान
हादसे में आग से बुरी तरह झुलस जाने के कारण छह शवों की पहचान नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस ने सभी के डीएनए सैंपल जांच के लिए जयपुर भेजे थे।
डीएनए रिपोर्ट के आधार पर जिन मृतकों की पहचान हुई, उनमें शामिल हैं—
भूमि भौर निवासी बजरंग नगर, इंदौर
प्रियंका पांडे निवासी बड़वाह
दीपक तंवर निवासी बड़वाह, जिला खरगौन
निर्मला गुप्ता निवासी अन्नपूर्णा नगर, इंदौर
देवेंद्र सिंह निवासी रामपुरा कलां, सिद्धगंज (मध्य प्रदेश)
बस चालक रामअवतार
रिपोर्ट मिलने के बाद सभी शवों का पोस्टमॉर्टम कर परिजनों को सौंप दिया गया।
दो शव पहले ही सौंपे जा चुके थे
हादसे में बस परिचालक कुलदीप और मध्य प्रदेश के झाबुआ निवासी धर्मसिंह की मौत सिर में गंभीर चोट लगने से हुई थी। उनकी पहचान पहले ही हो चुकी थी, जिसके बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए थे।
22 घायल अस्पताल में भर्ती
मंगलवार देर रात दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर बस और ट्रेलर की भिड़ंत के बाद भीषण आग लग गई थी। हादसे के बाद पुलिस और प्रशासन ने आठों मृतकों के शवों के साथ 22 घायलों को एंबुलेंस से दौसा जिला अस्पताल पहुंचाया था। कई शव पूरी तरह झुलस जाने के कारण उनकी पहचान डीएनए जांच के जरिए करनी पड़ी।




