कांग्रेस में टिकट के नाम पर 7 करोड़ रुपये देने का दावा
कांग्रेस में चुनावी टिकट को लेकर कथित लेन-देन का विवाद एक बार फिर चर्चा में है। हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व महासचिव के पति गौरव कुमार ने 28 अक्टूबर को दिल्ली में 10 जनपथ के बाहर प्रदर्शन किया। उन्होंने दावा किया कि अपनी पत्नी को चुनावी टिकट दिलाने के लिए उन्होंने कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा को 7 करोड़ रुपये दिए थे, लेकिन उनकी पत्नी को टिकट नहीं मिला।
गौरव कुमार अब कथित तौर पर दी गई रकम वापस मांग रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान उन्होंने आत्मदाह की धमकी भी दी। हालांकि, 7 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। केवल आरोप के आधार पर किसी व्यक्ति को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
क्या है गौरव कुमार का पूरा आरोप?
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, गौरव कुमार हरियाणा महिला कांग्रेस की पूर्व महासचिव सुचित्रा देवी के पति हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पत्नी को चुनावी टिकट दिलाने के लिए बड़ी रकम दी गई थी, लेकिन टिकट नहीं मिला।
गौरव कुमार का कहना है कि अब वह अपनी पूरी रकम वापस चाहते हैं। इसी मांग को लेकर उन्होंने दिल्ली स्थित 10 जनपथ के बाहर प्रदर्शन किया।
उनके दावों के बाद राजनीतिक गलियारों में टिकट वितरण की प्रक्रिया और कथित लेन-देन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। हालांकि, इस मामले में रकम वास्तव में किसे दी गई, उसका पूरा हिसाब क्या है और दावों के समर्थन में पेश किए गए दस्तावेज क्या साबित करते हैं—इन सभी पहलुओं की स्वतंत्र पुष्टि जरूरी है।
लोकसभा टिकट या विधानसभा टिकट? मामले में यह अंतर भी अहम
इस विवाद में एक महत्वपूर्ण बात सामने आई है। 28 अक्टूबर के प्रदर्शन से जुड़ी कुछ रिपोर्टों में गौरव कुमार ने अपनी पत्नी के लिए लोकसभा टिकट के नाम पर रकम देने का दावा किया है।
वहीं, मार्च 2026 में प्रकाशित रिपोर्टों में इसी विवाद को हरियाणा की बावल विधानसभा सीट से टिकट दिलाने के कथित सौदे से जोड़ा गया था।
इसलिए दोनों घटनाक्रमों को एक ही चुनाव या एक ही टिकट से संबंधित मानने से पहले यह स्पष्ट करना जरूरी है कि गौरव कुमार का मौजूदा दावा किस चुनाव और किस कथित लेन-देन से जुड़ा है।



