सीएमएचओ ने स्वास्थ्य केंद्रों का किया औचक निरीक्षण, दिए निर्देश
जिला कलेक्टर हरफूल सिंह यादव के निर्देशन में संचालित स्वच्छ और स्वस्थ बूंदी अभियान के तहत चिकित्सा विभाग द्वारा स्वास्थ्य संस्थानों की सघन मॉनिटरिंग लगातार जारी है। इसी क्रम में बुधवार अलसुबह मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. ओपी सामर ने मैराथन निरीक्षण करते हुए पीएचसी सुवासा, उप स्वास्थ्य केंद्र बाजड़ एवं एएनएमटीसी सेंटर तालेड़ा का औचक निरीक्षण किया।
निरीक्षण के दौरान एडिशनल सीएमएचओ डॉ. कमलेश शर्मा सहित सीएमएचओ कार्यालय की टीम उनके साथ मौजूद रही। पीएचसी सुवासा में डॉ. सामर ने भवन, साफ-सफाई, स्टोर एवं अन्य व्यवस्थाओं का गहन निरीक्षण किया। स्टोर में अनुपयोगी और कंडम सामग्री मिलने पर उन्होंने समिति गठित कर शीघ्र निस्तारण के निर्देश दिए।
जर्जर भवनों की मरम्मत के निर्देश
निरीक्षण के दौरान डॉ. सामर भवन की छत पर भी पहुंचे, जहां उन्होंने छत की जर्जर स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) से समन्वय कर तत्काल मरम्मत कार्य कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरसात से पूर्व छतों और नालियों की सफाई जरूरी है, ताकि जलभराव और रिसाव की समस्या से बचा जा सके।
सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं मिलने पर संबंधित प्रभारी को दो दिन के भीतर सुधार करने के निर्देश देते हुए उन्होंने स्पष्ट कहा कि व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बाजड़ और तालेड़ा केंद्रों का भी किया निरीक्षण
इसके बाद सीएमएचओ ने उप स्वास्थ्य केंद्र बाजड़ का निरीक्षण किया, जहां भवन की स्थिति भी संतोषजनक नहीं पाई गई। इस पर उन्होंने बीसीएमओ को पीडब्ल्यूडी के सहयोग से आवश्यक मरम्मत कार्य करवाने के निर्देश दिए।
अपने दौरे के अगले चरण में डॉ. सामर एएनएमटीसी सेंटर तालेड़ा पहुंचे, जहां भवन लंबे समय से बंद पाया गया और उसमें व्यापक मरम्मत की आवश्यकता सामने आई। उन्होंने अधिकारियों को भवन को दुरुस्त कर अन्य उपयोग के लिए तैयार करने के निर्देश दिए।
स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार पर जोर
निरीक्षण के दौरान बीसीएमओ, बीपीएम, संबंधित प्रभारी और अन्य अधिकारी मौजूद रहे। मैराथन निरीक्षण के बाद डॉ. सामर ने कहा कि इस प्रकार के औचक निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे और जिला कलेक्टर के विजन को साकार करने के लिए चिकित्सा विभाग पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है।
उन्होंने आमजन से संवाद कर स्वास्थ्य सेवाओं पर फीडबैक भी लिया। साथ ही कहा कि यदि कहीं कोई कमी या समस्या हो तो पहले संबंधित चिकित्सा अधिकारी, उसके बाद बीसीएमओ और आवश्यकता पड़ने पर सीधे सीएमएचओ कार्यालय तक शिकायत पहुंचाई जा सकती है, जिसका त्वरित समाधान किया जाएगा।




